BMC में नेताओं के लिए नई इनोवा खरीदने का प्रस्ताव, स्कॉर्पियो को बताया लंबी यात्रा के लिए असुविधाजनक

Thecity news
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मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में नेताओं के लिए नई सरकारी गाड़ियां खरीदने के प्रस्ताव को लेकर विवाद शुरू हो गया है। हाउस लीडर गणेश खंकर ने दावा किया है कि इस साल जनवरी में उपलब्ध कराई गई महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन लंबी दूरी की यात्रा के लिए पर्याप्त आरामदायक नहीं है, जिससे पीठ दर्द जैसी समस्याएं होती हैं। इसके बाद कुछ पदाधिकारियों के लिए टोयोटा इनोवा क्रिस्टा खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

करीब ₹1.5 करोड़ के इस प्रस्ताव में डिप्टी मेयर, हाउस लीडर, नेता प्रतिपक्ष तथा स्थायी समिति, सुधार समिति और शिक्षा समिति के अध्यक्षों के लिए नई टोयोटा इनोवा क्रिस्टा उपलब्ध कराने की योजना है। वहीं, मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े पहले से ही टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस हाइब्रिड का उपयोग कर रही हैं।

विपक्ष ने जताया विरोध

बीएमसी में नेता प्रतिपक्ष किशोरी पेडणेकर ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी गाड़ी बदलने की कोई मांग नहीं की है। उनका कहना है कि उन्हें इसी वर्ष नई स्कॉर्पियो-एन मिली है और उसे बदलने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने इस प्रस्ताव को नगर निगम के खजाने पर अनावश्यक वित्तीय बोझ बताया।

मेयर ने किया आरामदायक वाहनों की मांग का समर्थन

मेयर ऋतु तावड़े ने नेताओं की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि कई समिति अध्यक्ष दहिसर, कांदिवली और बोरीवली जैसे दूरदराज के क्षेत्रों से आते हैं। ऐसे में लंबी दूरी की यात्रा के लिए अधिक आरामदायक वाहन उपलब्ध कराना उचित है। उन्होंने बताया कि इसके लिए नया टेंडर जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी और मौजूदा व्यवस्था में ही बदलाव किया जाएगा।

वार्ड अधिकारियों को मिलेंगी मौजूदा स्कॉर्पियो-एन

बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो वर्तमान में उपयोग की जा रही स्कॉर्पियो-एन गाड़ियां वार्ड अधिकारियों को सौंप दी जाएंगी। कई वार्ड अधिकारी अभी भी पुरानी सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

यह प्रस्ताव जल्द ही नगर आयुक्त अश्विनी भिड़े के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। फिलहाल बीएमसी में केवल नगर आयुक्त के पास ही इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध है। हाउस लीडर गणेश खंकर ने भी पुष्टि की है कि समूह नेताओं की बैठक में गाड़ियां बदलने का मुद्दा आधिकारिक तौर पर उठाया गया था। अंतिम निर्णय नगर आयुक्त की मंजूरी के बाद लिया जाएगा।

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