
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महाराष्ट्र इकाई ने विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) के ‘सत्याचा मोर्चा’ के विरोध में शनिवार को मुंबई के गिरगांव इलाके में मूक प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने मुंह पर काली पट्टी बांधकर यह विरोध जताया। यह प्रदर्शन विपक्ष के उस मोर्चे के जवाब में था, जिसमें एमवीए ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला था।
भाजपा ने विपक्ष पर फर्जी बयानबाजी का आरोप लगाया
महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा कि पार्टी का यह प्रदर्शन एमवीए की चुनाव से पहले झूठ फैलाने की रणनीति को उजागर करने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा, “हर चुनाव से पहले विपक्ष जनता को गुमराह करने की कोशिश करता है और फर्जी मुद्दे खड़े करता है।” भाजपा ने मतदाता सूची विवाद को विपक्ष की राजनीतिक चाल करार दिया।
2024 के चुनावों का उदाहरण दिया गया
चव्हाण ने कहा कि इसी तरह का अभियान 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले भी चलाया गया था, जब विपक्ष ने संविधान संशोधन को लेकर झूठे दावे किए थे। उन्होंने कहा कि जनता अब विपक्ष की इन साजिशों को समझ चुकी है और भाजपा ऐसे झूठों का शांतिपूर्वक लेकिन दृढ़ता से जवाब देगी।
विपक्ष पर विदेश से अस्थिरता फैलाने का आरोप
भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष के कुछ नेता विदेशों में बैठे एनजीओ और संगठनों से मिलकर देश के भीतर भ्रम और अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ एनजीओ के फंडिंग स्रोत अब सार्वजनिक हो चुके हैं, जो इस तरह की गतिविधियों में शामिल हैं।
मतदाता सूची विवाद को भाजपा ने बताया ‘फर्जी मुद्दा’
भाजपा ने इस प्रदर्शन के माध्यम से संदेश दिया कि मतदाता सूची में अनियमितताओं का दावा विपक्ष की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। पार्टी का कहना है कि यह विवाद नगर निकाय चुनावों से पहले जानबूझकर फैलाया जा रहा है ताकि जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा की जा सके।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी तल्खी
एमवीए के ‘सत्याचा मोर्चा’ और भाजपा के ‘मूक प्रदर्शन’ के बाद महाराष्ट्र की राजनीति और गरमा गई है। भाजपा ने साफ किया है कि वह विपक्ष के झूठे प्रचार का शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेगी, जबकि एमवीए ने सरकार पर मतदाता सूची में धांधली का आरोप दोहराया है।

