ब्रेंडन मैक्कुलम के पद छोड़ने के बाद इंग्लैंड की टेस्ट टीम के नए मुख्य कोच को लेकर तस्वीर लगभग साफ होती नजर आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग के नाम पर लगभग सहमति बना ली है और जल्द ही उनके नाम का आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है।
53 वर्षीय स्टीफन फ्लेमिंग ने अब तक किसी राष्ट्रीय टीम को कोचिंग नहीं दी है, लेकिन फ्रेंचाइजी क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने करीब 17 वर्षों तक इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के मुख्य कोच के रूप में काम किया। उनके कार्यकाल में टीम ने पांच आईपीएल खिताब और दो चैंपियंस लीग टी20 ट्रॉफियां अपने नाम कीं।
फ्लेमिंग की कोचिंग में चेन्नई सुपर किंग्स कई बार प्लेऑफ में पहुंची और दुनिया की सबसे सफल टी20 फ्रेंचाइजी टीमों में अपनी जगह बनाई। उन्होंने आईपीएल के अलावा मेजर लीग क्रिकेट (एमएलसी), एसए20 और द हंड्रेड जैसी लीगों में भी कोचिंग की है। कुछ सप्ताह पहले उन्होंने सीएसके से अलग होने का फैसला किया था, जिसके बाद से उनका नाम इंग्लैंड की टेस्ट टीम के साथ लगातार जोड़ा जा रहा था।
एंडी फ्लावर ने ठुकराया था प्रस्ताव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईसीबी की पहली पसंद जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के मौजूदा मुख्य कोच एंडी फ्लावर थे। बोर्ड ने उनसे बातचीत भी की, लेकिन उन्होंने यह जिम्मेदारी स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
फ्लावर ने कहा कि वह फिलहाल आरसीबी और लंदन स्पिरिट के साथ अपने काम से संतुष्ट हैं। उनके मुताबिक, यदि वह इंग्लैंड के टेस्ट कोच बनते तो आईपीएल के दौरान भारत में रहने के बजाय इंग्लैंड में खिलाड़ियों पर नजर रखनी पड़ती, इसलिए दोनों भूमिकाएं एक साथ निभाना संभव नहीं था।
खिलाड़ी के रूप में भी रहा शानदार करियर
कोचिंग से पहले स्टीफन फ्लेमिंग का खिलाड़ी के रूप में भी शानदार करियर रहा है। उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए 111 टेस्ट, 280 वनडे और पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले तथा कुल 15,319 रन बनाए। कप्तान के रूप में उन्होंने न्यूजीलैंड को 80 टेस्ट मैचों में 28 जीत दिलाई, जो आज भी किसी कीवी कप्तान के नाम सबसे अधिक टेस्ट जीत का रिकॉर्ड है।
इंग्लैंड को नई दिशा देने की होगी चुनौती
यदि स्टीफन फ्लेमिंग की नियुक्ति होती है, तो उनके सामने इंग्लैंड की टेस्ट टीम को फिर से जीत की राह पर लाने की बड़ी चुनौती होगी। ईसीबी को उम्मीद है कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट में मिली उनकी सफलता और रणनीतिक अनुभव टेस्ट क्रिकेट में भी टीम के प्रदर्शन को नई दिशा देगा।

