
मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। राज्य सरकारें इन बीमारियों पर नियंत्रण के प्रयास कर रही हैं, लेकिन मरीजों के लिए रिकवरी प्रक्रिया अभी भी चुनौती बनी हुई है।
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया में रिकवरी मुश्किल क्यों
विशेषज्ञों के अनुसार, इन बीमारियों में मरीजों को तेज बुखार, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी और प्लेटलेट्स की कमी जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यही वजह है कि संक्रमण खत्म होने के बाद भी शरीर को ठीक होने में कई हफ्ते लग जाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, इस स्थिति में सही आहार और जीवनशैली अपनाने से रिकवरी तेज हो सकती है।

आयुर्वेद के अनुसार डाइट का महत्व
आयु वृत्त के चेयरमैन डॉ. महेश संघवी बताते हैं कि “आयुर्वेद में आहार को ही उपचार का बड़ा हिस्सा माना गया है।”
बीमारी के दौरान मरीज को हल्का, सुपाच्य और इम्युनिटी बढ़ाने वाला भोजन लेना चाहिए। इससे शरीर की हीलिंग प्रक्रिया तेज होती है और थकान या कमजोरी जल्दी दूर होती है।
इन खाद्य पदार्थों से मिलती है राहत
डॉ. महेश संघवी के अनुसार, बीमारी के दौरान डाइजेशन कमजोर हो जाता है, इसलिए मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया, ओट्स, रवा उपमा, हल्की सब्जियों का शोरबा और बिना मसाले का सूप लेना फायदेमंद है। फलों में पपीता प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद करता है, जबकि अनार और अमरूद आयरन की कमी को पूरा करते हैं। कीवी और सेब विटामिन-C से भरपूर होते हैं, जो इम्युनिटी मजबूत करते हैं। वहीं, नारियल पानी शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखता है।
आयुर्वेदिक हर्बल ड्रिंक्स से तेज होती है रिकवरी
आयुर्वेद में कई नेचुरल हर्बल ड्रिंक्स का उल्लेख है जो डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के बाद होने वाली कमजोरी और बुखार में राहत देते हैं। तुलसी, गिलोय, अदरक, नीम और धनिया के काढ़े से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इन पेय को संतुलित मात्रा में और चिकित्सक की सलाह से लेना चाहिए ताकि मरीज जल्दी और सुरक्षित रूप से ठीक हो सके।

