भारतीय सर्राफा बाजार में 10 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार में बदलते हालात, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और डॉलर की मजबूती का असर कीमती धातुओं पर देखने को मिला है। सोना और चांदी दोनों के वायदा भाव में तेज गिरावट आई है, जिससे आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है। वहीं निवेशकों के लिए भी यह बाजार की चाल को समझने और नई रणनीति बनाने का महत्वपूर्ण समय माना जा रहा है।
MCX पर सोने और चांदी में तेज गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार सुबह कारोबार शुरू होते ही सोने और चांदी के वायदा भाव दबाव में दिखाई दिए। विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से निवेशकों का रुझान बदल रहा है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा है।
24 कैरेट सोने के दाम में बड़ी कमी
आज सोने की कीमत में 1.61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। MCX पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव 2,455 रुपये टूटकर 1,49,988 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,52,443 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था।
वहीं खुदरा बाजार की बात करें तो ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,53,310 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। हालांकि विभिन्न शहरों में स्थानीय करों और मांग के आधार पर कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।
चांदी की चमक भी पड़ी फीकी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली। MCX पर चांदी का वायदा भाव 1.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,35,859 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। पिछले कारोबारी दिन यह 2,38,528 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई थी।
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार खुदरा बाजार में एक किलो चांदी की कीमत करीब 2,45,938 रुपये दर्ज की गई है।
क्यों आई सोना-चांदी में गिरावट?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बनाया है। इसके अलावा अमेरिका और पश्चिम एशिया से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों में तनाव कम होने की उम्मीद ने भी निवेशकों की सुरक्षित निवेश वाली मांग को कुछ हद तक कम किया है।
विशेषज्ञों की राय
HDFC सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक महंगाई को लेकर चिंताओं में कमी आने से कीमती धातुओं के भाव पर असर पड़ा है।
वहीं मिराए एसेट के विश्लेषक प्रवीण सिंह का कहना है कि निवेशक अभी भी पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। उनका मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह स्थिरता नहीं आती, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
खरीदारों और निवेशकों के लिए अवसर
कीमतों में आई ताजा गिरावट उन ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर है जो शादी, त्योहार या निवेश के उद्देश्य से सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं। वहीं बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे वैश्विक घटनाक्रमों और बाजार की दिशा को ध्यान में रखकर ही निवेश संबंधी निर्णय लें।

