गूगल पासकी के जरिए जीमेल यूजर्स अब बिना पारंपरिक पासवर्ड के अपने अकाउंट में लॉगिन कर सकते हैं। पासकी फिंगरप्रिंट, फेस स्कैन या PIN जैसी बायोमेट्रिक पहचान का इस्तेमाल करती है, जिससे लॉगिन ज्यादा सुरक्षित और आसान हो जाता है।
1. पासकी क्या है और कैसे काम करती है?
पासकी डिजिटल क्रेडेंशियल है जो आपकी पहचान सुरक्षित तरीके से वेरिफाई करता है। आपका डाटा डिवाइस में एन्क्रिप्टेड रूप में स्टोर रहता है। इसमें पब्लिक और प्राइवेट की तकनीक होती है—पब्लिक की गूगल के सर्वर पर रहती है और प्राइवेट की सिर्फ आपके डिवाइस में सुरक्षित रहती है। आपका बायोमेट्रिक डाटा कभी भी गूगल के पास नहीं जाता, जिससे सुरक्षा मजबूत बनती है।
2. पासकी कैसे सेटअप करें?
पासकी सेट करना आसान है। गूगल अकाउंट की साइन इन सेटिंग्स में जाएं, पासकी ऑप्शन चुनें और “क्रिएट पासकी” पर क्लिक करें। इसके बाद अपने डिवाइस के बायोमेट्रिक या स्क्रीन लॉक से वेरिफाई करें। ऐपल डिवाइस पर आईक्लाउड कीचेन चालू होना जरूरी है। सेटअप पूरा होने के बाद पासकी आपके डिवाइस में सुरक्षित रूप से सेव हो जाती है।
3. पासकी से लॉगिन कैसे करें?
पासकी बनने के बाद लॉगिन आसान हो जाता है। गूगल लॉगिन पेज पर अपना ईमेल डालें और पासवर्ड पूछे बिना डिवाइस को अनलॉक करें। फिंगरप्रिंट, फेस स्कैन या PIN से तुरंत लॉगिन हो जाता है। इससे पासवर्ड याद रखने, OTP डालने या फिशिंग के खतरे से छुटकारा मिलता है।

