मुंबई: मुंबई की सार्वजनिक बस सेवा को आधुनिक बनाने और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना के बीच बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) उपक्रम प्रशिक्षित ड्राइवरों की गंभीर कमी से जूझ रहा है। अगले तीन से चार वर्षों में 10,000 इलेक्ट्रिक बसों का लक्ष्य हासिल करने के लिए बेस्ट को कम से कम 3,000 अतिरिक्त प्रशिक्षित चालकों की आवश्यकता होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय पर भर्ती नहीं हुई तो न केवल 23 लाख दैनिक यात्रियों की बस सेवाएं प्रभावित होंगी, बल्कि यात्री सुरक्षा से जुड़े जोखिम भी बढ़ सकते हैं।
1,500 नई इलेक्ट्रिक बसों को मिली मंजूरी, हर साल 2,000 बसें जोड़ने की योजना
बेस्ट प्रशासन पहले ही 1,500 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दे चुका है। इसके अलावा, हर वर्ष लगभग 2,000 नई बसों को बेड़े में शामिल करने की योजना बनाई गई है। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि बसों की संख्या बढ़ने की तुलना में कर्मचारियों और विशेष रूप से चालकों की भर्ती की गति काफी धीमी है, जिससे भविष्य में परिचालन संबंधी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
ड्राइवरों की कमी से प्रभावित हो रही बस सेवाएं
वर्तमान में बेस्ट 2,500 से अधिक लीज पर ली गई बसों का संचालन कर रहा है, लेकिन पर्याप्त ड्राइवर उपलब्ध नहीं होने के कारण कई मार्गों पर बसों की आवृत्ति प्रभावित हो रही है। इससे यात्रियों को लंबे इंतजार और भीड़भाड़ का सामना करना पड़ रहा है।
बेस्ट समिति के वरिष्ठ सदस्य सुनील गणाचार्य ने समिति की बैठक में कहा था कि अगले एक वर्ष में नई बसों के संचालन के साथ कम से कम 3,000 अतिरिक्त ड्राइवरों की तत्काल आवश्यकता होगी।
अनुभवी चालकों की नियुक्ति पर जोर, सुरक्षा बनी चिंता
हाल के समय में हुई कुछ इलेक्ट्रिक बस दुर्घटनाओं के बाद सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है। समिति के सदस्य रमाकांत गुप्ता ने चेतावनी दी कि केवल छोटे वाहनों का अनुभव रखने वाले चालकों को बस संचालन की जिम्मेदारी देना जोखिमपूर्ण हो सकता है। उनका कहना है कि सार्वजनिक परिवहन के लिए अनुभवी और विशेष प्रशिक्षण प्राप्त चालकों की नियुक्ति आवश्यक है।
प्रशासन का मानना है कि कई दुर्घटनाओं के पीछे मानवीय त्रुटियां भी एक प्रमुख कारण रही हैं, इसलिए बेहतर प्रशिक्षण और अनुभव दोनों पर समान रूप से ध्यान देने की जरूरत है।
कम वेतन और नौकरी की असुरक्षा बनी भर्ती में बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार, चालकों की भर्ती में सबसे बड़ी बाधाओं में कम वेतन और नौकरी की असुरक्षा शामिल हैं। वेट-लीज मॉडल के तहत संविदा चालकों को अधिकतम 20,000 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है, जबकि बेस्ट के स्थायी चालकों का मासिक वेतन लगभग 41,000 रुपये है।
बेस्ट ने भर्ती प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए न्यूनतम दो वर्ष का ड्राइविंग अनुभव अनिवार्य कर दिया है तथा प्रशिक्षण अवधि को बढ़ाकर चार सप्ताह कर दिया है। हालांकि परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर वेतन, सुरक्षित कार्य परिस्थितियों और पर्याप्त प्रशिक्षित चालकों के बिना 10,000 इलेक्ट्रिक बसों का लक्ष्य हासिल करना और भविष्य में 50 लाख यात्रियों तक बस सेवा का विस्तार करना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

