ज्वैलरी कंपनी के कर्मचारी ने रिश्तेदारों के साथ रची थी साजिश, चार आरोपी गिरफ्तार

सेवरी में दिनदहाड़े हुई थी ‘डकैती’
मुंबई पुलिस ने सेवरी इलाके में हुई 2.29 करोड़ रुपए के सोने की फर्जी डकैती का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पूरे चोरी के माल — करीब 2,067 ग्राम सोने के आभूषण — को बरामद कर लिया है। यह घटना 13 अक्टूबर की दोपहर करीब ढाई बजे की है, जब मास्टर चेन एंड ज्वेल्स कंपनी का डिलीवरी एजेंट श्यामलभाई होथीभाई रबारी (31) अपने सहयोगी जगदीश केराभाई आल के साथ कालाचौकी स्थित कंपनी के कारखाने जा रहा था।
डकैती की कहानी में निकली साजिश
सेवरी कोर्ट के पास दो बाइक सवारों ने उनकी गाड़ी को टक्कर मारकर रोक लिया और पिस्तौल दिखाकर सोने से भरा बैग लूट लिया। शिकायत दर्ज होने के बाद आरएके मार्ग पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस उपायुक्त रागसुधा आर और वरिष्ठ निरीक्षक विनोद तावड़े के नेतृत्व में गठित आठ टीमों ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो श्यामलभाई की कहानी पर संदेह गहराने लगा।
कर्मचारी और रिश्तेदारों की मिलीभगत
जांच में खुलासा हुआ कि श्यामलभाई ने अपने सहयोगी जगदीश और राजस्थान के दो रिश्तेदारों — भानाराम भगराज रबारी (21) और लीलाराम नागजी देवासी (21) — के साथ मिलकर इस नकली डकैती की साजिश रची थी। आरोपी ने योजना के तहत फर्जी लूट की कहानी बनाकर कंपनी को गुमराह करने की कोशिश की।
गुजरात से हुई गिरफ्तारी, पूरा सोना बरामद
तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने दोनों रिश्तेदारों को गुजरात के अहमदाबाद जिले के ओधव गांव से गिरफ्तार किया, जब वे राजस्थान के जालोर जिले में अपने गांव भागने की फिराक में थे। पुलिस ने चारों आरोपियों से 2.29 करोड़ रुपए मूल्य का सारा सोना और उनके मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं।
आर्थिक तंगी में रची थी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी श्यामलभाई पिछले छह-सात सालों से कंपनी में कार्यरत था और सभी आंतरिक प्रक्रियाओं से भली-भांति परिचित था। आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव के चलते उसने यह अपराध रचा। कंपनी ने 11 अक्टूबर को आभूषण हॉलमार्किंग के लिए भेजे थे, जिन्हें 13 अक्टूबर को लेने के बाद नकली डकैती का नाटक किया गया। पुलिस ने कुछ ही दिनों में मामले को सुलझा लिया, हालांकि जांच अब भी जारी है कि क्या किसी और की इसमें भूमिका रही है।

