
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी OpenAI ने भारत के लिए एक विशेष बेंचमार्क ‘IndQA’ लॉन्च किया है।
इसका उद्देश्य यह आकलन करना है कि AI मॉडल भारतीय स्थानीय भाषाओं, संस्कृति और जीवनशैली से जुड़े सवालों को कितनी अच्छी तरह समझ और हल कर सकते हैं।
🎯 उद्देश्य: सांस्कृतिक संदर्भ में AI की समझ बढ़ाना
OpenAI ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा,
“हमारा मिशन है कि AGI (Artificial General Intelligence) पूरी मानवता के लिए लाभकारी हो। अगर AI को वास्तव में सभी के लिए उपयोगी बनाना है, तो इसे सभी भाषाओं और संस्कृतियों में समान रूप से काम करना चाहिए।”
यह बेंचमार्क केवल अनुवाद या बहुविकल्पीय सवालों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका फोकस तर्क, भाषा की गहराई और सांस्कृतिक समझ पर है।
🌏 IndQA किन भाषाओं को कवर करेगा
IndQA भारत की 12 प्रमुख भाषाओं में AI की क्षमता को परखेगा —
बंगाली, अंग्रेजी, हिंदी, हिंग्लिश, कन्नड़, मराठी, उड़िया, तेलुगु, गुजराती, मलयालम, पंजाबी और तमिल।
इन भाषाओं में तैयार प्रश्न भारत की विविधता और सांस्कृतिक गहराई को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।
🏛️ विषयों की व्यापक रेंज
IndQA केवल भाषा समझ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई क्षेत्रों को कवर करता है —
- वास्तुकला और डिज़ाइन
- कला और संस्कृति
- रोजमर्रा की ज़िंदगी
- भोजन और पाककला
- इतिहास और धर्म
- कानून और नैतिकता
- साहित्य, भाषा विज्ञान
- मीडिया और मनोरंजन
- खेल और अध्यात्म
इस बेंचमार्क में देशभर के 261 क्षेत्रीय विशेषज्ञों के सहयोग से बनाए गए हजारों प्रश्न शामिल हैं।
🚀 भविष्य की दिशा: अन्य भाषाओं के लिए भी मानक
OpenAI का कहना है कि वह आने वाले समय में अन्य देशों और भाषाओं के लिए भी ऐसे ही बेंचमार्क तैयार करेगा, ताकि वैश्विक स्तर पर AI की भाषाई और सांस्कृतिक निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।

