क्या है मामला?
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के करीब 8 महीने बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा खुलासा किया है।
एनआईए ने इस हमले में शामिल 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें
लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके सहयोगी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट (TRF) की सीधी भूमिका सामने आई है।
चार्जशीट में यह बताया गया है कि किस तरह पाकिस्तान से इस आतंकी हमले की साजिश रची गई, और इन दावों को साबित करने के लिए ठोस सबूत भी पेश किए गए हैं।
📄 1597 पेज की चार्जशीट, पाकिस्तानी हैंडलर का नाम शामिल
एनआईए द्वारा दाखिल की गई 1597 पन्नों की चार्जशीट में
पाकिस्तान स्थित लश्कर हैंडलर साजिद जट्ट का नाम प्रमुख रूप से शामिल है।
इस हमले से जुड़े तीन पाकिस्तानी आतंकवादी—
- फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह
- हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान
- हमजा अफगानी
को श्रीनगर के जंगलों में चलाए गए ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान मार गिराया गया था।
⚖️ इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
लश्कर-ए-तैयबा और TRF से जुड़े आरोपियों पर
- भारतीय न्याय संहिता
- आर्म्स एक्ट, 1969
- गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम – UAPA, 1967
के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
👥 दो स्थानीय आरोपी भी चार्जशीट में शामिल
एनआईए ने परवेज अहमद और बशीर अहमद जोथर नाम के दो स्थानीय लोगों को भी
भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में आरोपी बनाया है।
- दोनों को 22 जून को गिरफ्तार किया गया था
- आरोप है कि इन्होंने आतंकियों को पनाह और लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया
पूछताछ में दोनों ने
➡️ हमले में शामिल तीन सशस्त्र आतंकियों की पहचान उजागर की
➡️ पुष्टि की कि वे पाकिस्तानी नागरिक थे और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे
💥 22 अप्रैल के हमले में 25 लोगों की मौत
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को हुए इस आतंकी हमले में
कम से कम 25 निर्दोष लोगों की जान गई थी।
इसके बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में
आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था।
🛡️ भारत की जवाबी कार्रवाई, पाकिस्तान को झुकना पड़ा
ऑपरेशन के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने भारत पर हमले की कोशिश की,
लेकिन मजबूत भारतीय डिफेंस सिस्टम के सामने उसकी एक न चली।
अंततः पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए मजबूर होना पड़ा।
🔴 NIA का स्पष्ट संदेश
एनआईए ने साफ किया है कि
➡️ यह हमला सीधे तौर पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का हिस्सा था
➡️ लश्कर-ए-तैयबा और TRF ने मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया
➡️ भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर कायम है

