
मुंबई: अभिनेता परेश रावल की आगामी फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ अपने रिलीज से पहले ही कानूनी विवादों में उलझ गई है। फिल्म पर आरोप है कि इसमें ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।
🧾 भाजपा प्रवक्ता ने मंत्रालय में दर्ज कराई शिकायत
भाजपा प्रवक्ता रजनीश सिंह ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) में फिल्म के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा कि यह फिल्म उनकी उस जनहित याचिका पर आधारित है, जो मई 2022 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दायर की गई थी।
⚖️ याचिका से उठे विवाद के मुद्दे
रजनीश सिंह ने शिकायत में कहा —
“मैंने ताजमहल के 22 बंद कमरों को खोलने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी ताकि ऐतिहासिक तथ्यों की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। लेकिन अब मुझे पता चला है कि ‘द ताज स्टोरी’ उसी विषय पर बनाई गई है। यह मेरे बौद्धिक और कानूनी अधिकारों का उल्लंघन है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि न्यायिक मामले का व्यावसायिक उपयोग अनुचित है और इससे जनता को भ्रमित किया जा सकता है।
🚫 फिल्म पर रोक लगाने की मांग
भाजपा प्रवक्ता ने CBFC से मांग की है कि जांच पूरी होने तक फिल्म के प्रचार और प्रदर्शन पर रोक लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि जब तक फिल्म की विषयवस्तु और तथ्यों की सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक इसे किसी भी प्लेटफॉर्म पर जारी करने की अनुमति न दी जाए।
⚖️ पहले भी दाखिल हो चुकी है याचिका
इससे पहले शकील अब्बास नामक वकील ने भी दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म पर आरोप लगाया था कि इसमें ऐतिहासिक तथ्यों को विकृत रूप में पेश किया गया है।
अदालत ने इस याचिका पर जल्द सुनवाई की संभावना जताई है।
🎞️ 31 अक्टूबर को होगी फिल्म की रिलीज
विवादों के बावजूद, फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ की रिलीज डेट फिलहाल 31 अक्टूबर 2025 तय की गई है।
यह फिल्म ताजमहल से जुड़े ऐतिहासिक रहस्यों और सामाजिक बहसों पर केंद्रित बताई जा रही है।
अब देखना यह होगा कि क्या सीबीएफसी जांच के बाद इसे तय तारीख पर रिलीज की अनुमति देता है या नहीं।

