उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के चलते रेल परिचालन प्रभावित हो रहा है, लेकिन यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस और शताब्दी ट्रेनों के लिए अतिरिक्त (स्पेयर) रेक तैनात कर दिए हैं, ताकि ट्रेनों की समय पर रवाना (Right Time Start) सुनिश्चित की जा सके।
🚆 कोहरे में भी टाइम पर चलेगी ट्रेन
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले कुछ हफ्तों तक उत्तर भारत में कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे में—
- लेट ट्रेनों की जगह स्पेयर रेक से नई ट्रेन रवाना की जाएगी
- यात्रियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा
- प्रीमियम ट्रेनों की टाइम टेबल प्रभावित नहीं होगी
❓ क्या होता है रेक?
भारतीय रेलवे में रेक का मतलब होता है—
इंजन को छोड़कर ट्रेन के सभी यात्री डिब्बों का पूरा सेट
एक रेक ही पूरी ट्रेन का मुख्य ढांचा होता है। अगर कोई ट्रेन देर से पहुंचती है और उसका रेक अगली सेवा के लिए उपलब्ध नहीं होता, तो स्पेयर रेक का इस्तेमाल किया जाता है।
🚄 नई दिल्ली–वाराणसी रूट पर विशेष व्यवस्था
रेलवे अधिकारियों के अनुसार—
- 2 स्पेयर वंदे भारत रेक पहले से नई दिल्ली–वाराणसी सेक्शन के लिए उपलब्ध
- एक अतिरिक्त 20-कोच रेक पश्चिम मध्य रेलवे से नॉर्दर्न रेलवे भेजा जा रहा
- 16-कोच वंदे भारत के ऑगमेंटेशन के लिए नामित रेक भी तैयार
इससे कोहरे के बावजूद RTS (Right Time Start) सुनिश्चित किया जा सकेगा।
🍽️ IRCTC ने बनाया वॉर रूम
रेलवे मंत्रालय ने IRCTC को रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए वॉर रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
वॉर रूम में—
- ट्रेनों की समयपालन स्थिति
- कैटरिंग सेवाएं
- यात्रियों की शिकायतों
पर लगातार नजर रखी जा रही है।
🚆 शताब्दी ट्रेनों के लिए भी बैकअप
रेलवे ने शताब्दी एक्सप्रेस सेवाओं के लिए भी स्पेयर रेक की व्यवस्था की है।
👉 शताब्दी देश की प्रमुख तेज और दिन में चलने वाली ट्रेन है, इसलिए इसे समय पर चलाना रेलवे की प्राथमिकता है।
🚨 रेलवे जोन हाई अलर्ट पर
घने कोहरे को देखते हुए—
- नॉर्दर्न रेलवे
- नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे
- नॉर्थ सेंट्रल रेलवे
के महाप्रबंधकों को अलर्ट पर रखा गया है।
साथ ही दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और मुरादाबाद के DRM को ट्रेनों की लगातार समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं।
❄️ कोहरे में स्पेयर रेक क्यों जरूरी?
सर्दियों में कोहरे के कारण—
- विजिबिलिटी कम हो जाती है
- ट्रेनों की स्पीड घटानी पड़ती है
- एक ट्रेन के लेट होने से पूरी टाइमटेबल बिगड़ जाती है
इसी चेन रिएक्शन को रोकने के लिए रेलवे स्पेयर रेक तैयार रखता है।

