लोकसभा में सरकार ने बताया कि 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक सकल आय घोषित करने वाले करदाताओं की संख्या 2021-22 के 142 से बढ़कर 2025-26 में 576 हो गई है।
भारत में उच्च आय वाले करदाताओं की संख्या पिछले पांच वर्षों में तेजी से बढ़ी है। लोकसभा में वित्त मंत्रालय ने बताया कि 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक सकल आय (ग्रॉस टोटल इनकम) घोषित करने वाले लोगों की संख्या 2021-22 में 142 थी, जो 2025-26 में बढ़कर 576 हो गई। यानी पांच वर्षों में ऐसे करदाताओं की संख्या लगभग चार गुना हो गई है।
सरकार ने क्या जानकारी दी?
लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आयकर अधिनियम में ‘अरबपति’ (बिलियनेयर) की कोई कानूनी परिभाषा नहीं है। इसलिए सरकार देश में अरबपतियों की आधिकारिक संख्या नहीं बताती। उपलब्ध आंकड़े केवल आयकर रिटर्न में घोषित आय के आधार पर हैं।
कुल संपत्ति का रिकॉर्ड नहीं रखती सरकार
विपक्ष ने सरकार से बढ़ती संपत्ति के केंद्रीकरण और आर्थिक असमानता पर सवाल पूछा था। इसके जवाब में सरकार ने कहा कि 1 अप्रैल 2016 से वेल्थ टैक्स समाप्त होने के बाद करदाताओं की कुल संपत्ति का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं रखा जाता। इसी वजह से सरकार के पास अरबपतियों की कुल संपत्ति का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
100 करोड़ रुपये से अधिक आय वाले करदाताओं के आंकड़े
| आकलन वर्ष | 100 करोड़ रुपये या अधिक आय वाले व्यक्ति |
|---|---|
| 2021-22 | 142 |
| 2022-23 | 301 |
| 2023-24 | 284 |
| 2024-25 | 415 |
| 2025-26 | 576 |
गरीबी और बेरोजगारी में कमी का दावा
सरकार ने कहा कि हाल के वर्षों में गरीबी और बेरोजगारी दोनों में कमी आई है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, 15 वर्ष से अधिक आयु वालों की बेरोजगारी दर 2022 के 3.6 प्रतिशत से घटकर 2025 में 3.1 प्रतिशत रह गई है। वहीं, नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार करोड़ों लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं।
आय असमानता पर सरकार का पक्ष
वित्त मंत्रालय ने घरेलू उपभोग व्यय सर्वे (एचसीईएस 2023-24) का हवाला देते हुए कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गिनी गुणांक में कमी दर्ज की गई है, जो आय असमानता घटने का संकेत देती है। सरकार का कहना है कि रोजगार बढ़ाने और असमानता कम करने के लिए कई योजनाएं और कर सुधार लागू किए गए हैं।
किन योजनाओं का किया गया उल्लेख?
सरकार ने बताया कि प्रगतिशील आयकर व्यवस्था, नए कर्मचारियों की भर्ती पर कर प्रोत्साहन, स्टार्टअप्स को टैक्स लाभ, सहकारी समितियों को बढ़ावा, बुनियादी ढांचे में निवेश, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम-किसान, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं आर्थिक विकास और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने में मदद कर रही हैं।
फोर्ब्स रिपोर्ट में भारत तीसरे स्थान पर
हालांकि सरकार के पास अरबपतियों की आधिकारिक संख्या का रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन फोर्ब्स वर्ल्ड बिलियनेयर्स 2025 रिपोर्ट के अनुसार भारत दुनिया में सबसे अधिक अरबपतियों वाले देशों की सूची में तीसरे स्थान पर है। रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में भारत में 205 अरबपति हैं। इस सूची में अमेरिका 902 अरबपतियों के साथ पहले और चीन (हांगकांग सहित) 450 अरबपतियों के साथ दूसरे स्थान पर है।

