प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी छात्रों पर कार्रवाई का आरोप, कपिल सिब्बल ने कानूनी सहायता और ₹1 करोड़ के योगदान की घोषणा की।
जंतर-मंतर पर समाप्त हुए छात्र आंदोलन के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग तेज कर दी है। पार्टी का आरोप है कि सरकार ने विरोध प्रदर्शन समाप्त कराने के दौरान सभी मामलों को वापस लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। CJP ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द लिखित आश्वासन नहीं मिला तो संगठन दोबारा आंदोलन शुरू करेगा।
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पार्टी ने 25 जुलाई को सद्भावना के आधार पर अपना आंदोलन समाप्त किया था। उनका दावा है कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का भरोसा दिया था, लेकिन अब छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले में संगठन ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से कानूनी सलाह ली है।
कपिल सिब्बल ने कानूनी सहायता का किया ऐलान
कपिल सिब्बल ने कहा कि जिन छात्रों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में मामले दर्ज किए गए हैं, उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने इस कानूनी लड़ाई के लिए व्यक्तिगत रूप से ₹1 करोड़ देने की घोषणा की और अन्य लोगों से भी सहयोग की अपील की। सिब्बल ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों की पहचान के लिए फेसियल रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई होती है तो उन्हें कानून के दायरे में हर संभव मदद दी जाएगी।
हिरासत और कार्रवाई के आरोप
CJP की कानूनी सलाहकार रत्ना ने दावा किया कि दिल्ली समेत कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है। उनके अनुसार, कोलकाता में 11 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 10 मुस्लिम समुदाय से हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि सबसे अधिक FIR बिहार में दर्ज की जा रही हैं और पटना में हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज किया गया है।
‘साक्षी’ प्लेटफॉर्म किया लॉन्च
CJP ने कानूनी सहायता और साक्ष्य जुटाने के लिए ‘साक्षी’ नाम का एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू करने की घोषणा की है। संगठन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी प्रदर्शनकारी के साथ पुलिस या सुरक्षा बलों द्वारा कथित उत्पीड़न हुआ है, तो उससे जुड़े फोटो और वीडियो इस प्लेटफॉर्म पर साझा करें ताकि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
लिखित समझौता नहीं मिला तो फिर होगा आंदोलन
सौरव दास ने कहा कि यदि सरकार FIR वापस लेने का लिखित मसौदा तय समय तक उपलब्ध नहीं कराती या प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी जारी रहती है, तो CJP दोबारा आंदोलन शुरू करेगा। वहीं कपिल सिब्बल ने स्पष्ट किया कि उनका समर्थन केवल प्रदर्शनकारियों के कानूनी अधिकारों की रक्षा तक सीमित है और आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय संगठन स्वयं करेगा।

