बिहार सरकार राज्य के उच्च शिक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के नवस्थापित 211 राजकीय डिग्री कॉलेजों में 1 जुलाई 2026 से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होंगी। इसके लिए सभी कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं की तैयारी 30 जून तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
30 जून तक पूरी होंगी सभी तैयारियां
मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने नए डिग्री कॉलेजों की तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी, विश्वविद्यालयों के कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि 30 जून तक सभी चिन्हित कॉलेजों में बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तैयार कर लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कॉलेजों में उपलब्ध होंगी सभी मूलभूत सुविधाएं
सरकार की ओर से जिन सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है, उनमें जल निकासी व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, शौचालय, स्वच्छ पेयजल, ब्लैकबोर्ड, डेस्क-बेंच, कंप्यूटर लैब और वाटर कूलर जैसी आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं।
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है ताकि नए कॉलेजों में पढ़ाई शुरू होने के साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रखंडों के नाम पर रखा गया कॉलेजों का नाम
राज्य के सभी 211 नए महाविद्यालयों का नामकरण संबंधित प्रखंड के नाम के साथ ‘राजकीय डिग्री महाविद्यालय’ जोड़कर किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर कॉलेजों की पहचान स्थापित होगी और छात्रों को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
शुरुआती चरण में छह विषयों की होगी पढ़ाई
पहले चरण में इन कॉलेजों में छह प्रमुख विषयों की पढ़ाई शुरू की जाएगी। इनमें शामिल हैं:
- हिन्दी
- अंग्रेजी
- अर्थशास्त्र
- इतिहास
- राजनीति विज्ञान
- समाजशास्त्र
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार आगामी वर्षों में छात्रों की मांग और संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर अन्य विषयों को भी शामिल किया जा सकता है।
57 हजार से अधिक छात्रों ने किया आवेदन
शैक्षणिक सत्र 2026-30 में प्रवेश के लिए अब तक 57,421 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। आवेदन आंकड़ों के अनुसार छात्रों में मानविकी विषयों को लेकर सबसे अधिक रुचि देखने को मिली है।
- हिन्दी विषय के लिए 25,790 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
- इतिहास विषय के लिए 17,105 आवेदन आए हैं।
यह संख्या बताती है कि नए कॉलेजों को लेकर छात्रों में उत्साह और उम्मीद दोनों काफी अधिक हैं।
बिहार में उच्च शिक्षा को मिलेगा नया विस्तार
राज्य सरकार का यह कदम ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अधिक अवसर प्रदान करेगा। 211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों के संचालन से न केवल नामांकन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि छात्रों को अपने जिले या प्रखंड के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिलेगा।

