तमिलनाडु की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। TVK सरकार में लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री आधव अर्जुन ने डीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को कानूनी नोटिस भेजा है। यह मामला 8 जून को सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट से जुड़ा है, जिसमें स्टालिन ने मंत्री आधव अर्जुन पर गंभीर आरोप लगाए थे। अब इस पोस्ट को लेकर दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक और कानूनी टकराव तेज हो गया है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार चेन्नई और रामनाथपुरम में जब्त किए गए 258 करोड़ रुपये के ड्रग तस्करी मामले के कथित मास्टरमाइंड जॉन ब्रिटो, मंत्री आधव अर्जुन के करीबी रिश्तेदार हैं।
स्टालिन के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई और मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
आधव अर्जुन ने आरोपों को बताया झूठा
मंत्री आधव अर्जुन ने स्टालिन के आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। उनका कहना है कि जॉन ब्रिटो उनका कोई करीबी रिश्तेदार नहीं है और बिना किसी तथ्यात्मक जांच या ठोस सबूत के उनके खिलाफ गलत आरोप लगाए गए हैं।
आधव अर्जुन का आरोप है कि इस तरह की पोस्ट से उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।
48 घंटे में मांगी सार्वजनिक माफी
मंत्री की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में एमके स्टालिन को 48 घंटे के भीतर बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की गई है। नोटिस में कहा गया है कि माफी केवल सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे तमिल और अंग्रेजी अखबारों के साथ-साथ प्रमुख टीवी चैनलों पर भी प्रकाशित और प्रसारित किया जाना चाहिए।
1 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग
कानूनी नोटिस में केवल माफी ही नहीं, बल्कि 1 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की गई है। मंत्री का दावा है कि स्टालिन के आरोपों से उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है, जिसके लिए उन्हें आर्थिक मुआवजा मिलना चाहिए।
नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर माफी नहीं मांगी जाती है, तो उनके खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
DMK की IT विंग भी नोटिस के दायरे में
सूत्रों के अनुसार यह कानूनी नोटिस केवल एमके स्टालिन को ही नहीं, बल्कि डीएमके की आईटी विंग को भी भेजा गया है। मंत्री पक्ष का कहना है कि विवादित पोस्ट के व्यापक प्रसार में आईटी विंग की भी भूमिका रही है, इसलिए उनसे भी स्पष्टीकरण और कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।
तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ सकता है टकराव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में और अधिक गर्मी ला सकता है। एक तरफ डीएमके अपने आरोपों पर कायम है, जबकि दूसरी ओर TVK सरकार के मंत्री आधव अर्जुन कानूनी कार्रवाई के जरिए जवाब देने की तैयारी में हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि एमके स्टालिन इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं और क्या मामला अदालत तक पहुंचता है या फिर आपसी स्तर पर सुलझाया जाता है।

