तिरुवनंतपुरम: मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सलीम कुमार के निधन पर केरल सरकार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। राज्य सरकार ने उनके अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ संपन्न कराने का फैसला लिया है। इसके साथ ही अंतिम संस्कार और उससे जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का खर्च भी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
केरल सरकार ने किया राजकीय सम्मान का ऐलान
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सरकार को प्रसिद्ध अभिनेता सलीम कुमार के निधन का समाचार सुनकर अत्यंत दुख हुआ है। आदेश में उनके फिल्म जगत में दिए गए योगदान को याद करते हुए कहा गया कि उन्होंने अपने लंबे करियर में अभिनय के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं और कई प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किए।
सरकार ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को अंतिम संस्कार की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
अस्पताल में चल रहा था इलाज
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 10:45 बजे अभिनेता की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा और उपचार शुरू किया।
डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका।
नॉर्थ पारावुर स्थित आवास पर होगा अंतिम संस्कार
सरकारी आदेश के अनुसार, अभिनेता का अंतिम संस्कार एर्नाकुलम जिले के नॉर्थ पारावुर स्थित उनके आवास पर किया जाएगा। जिला कलेक्टर को राज्य सरकार की ओर से पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित करने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अंतिम यात्रा और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मिमिक्री कलाकार से राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता बनने तक का सफर
सलीम कुमार ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर और मिमिक्री मंचों से की थी। अपनी प्रतिभा के दम पर उन्होंने 1997 में रिलीज हुई फिल्म ‘इष्टमानु नूरु वट्टम’ के जरिए बड़े पर्दे पर कदम रखा।
इसके बाद उन्होंने कॉमेडी और गंभीर दोनों तरह के किरदारों में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी अभिनय क्षमता ने उन्हें मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित कलाकारों में शामिल कर दिया।
‘अदामिन्ते मकन अबू’ बनी करियर का टर्निंग पॉइंट
साल 2010 में रिलीज हुई फिल्म ‘अदामिन्ते मकन अबू’ सलीम कुमार के करियर का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई। इस फिल्म में उनके भावनात्मक और दमदार अभिनय ने दर्शकों और समीक्षकों का दिल जीत लिया।
इसी भूमिका के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला। इसके अलावा उन्हें चार बार केरल राज्य फिल्म पुरस्कार से भी नवाजा गया।
अभिनय के साथ निर्देशन में भी छोड़ी छाप
सलीम कुमार केवल अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उन्होंने ‘करुथा जूथन’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया और मनोरंजन जगत में बहुमुखी कलाकार के रूप में अपनी पहचान बनाई।
उनके निधन से मलयालम सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसने अपने अभिनय से दर्शकों को हंसाया भी और भावुक भी किया।

