भारत के सर्राफा बाजार में शनिवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की सतर्कता का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। सबसे बड़ी गिरावट चांदी में दर्ज की गई, जहां एक ही दिन में कीमतें ₹5,000 प्रति किलोग्राम तक टूट गईं। वहीं सोने के दामों में भी उल्लेखनीय कमी देखने को मिली, जिससे ग्राहकों के लिए खरीदारी का बेहतर अवसर बन गया है।
चांदी के भाव में ₹5,000 प्रति किलो की गिरावट
दिन की शुरुआत में चांदी का भाव ₹2,80,000 प्रति किलोग्राम था, लेकिन कारोबार समाप्त होने तक इसमें भारी गिरावट आई और कीमत ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में लगातार मजबूती दिखाने वाली चांदी पहली बार इतने निचले स्तर पर आई है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक मांग में नरमी और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते चांदी के दामों में यह गिरावट दर्ज की गई है।
सोने की कीमतों में भी नरमी
सोने के दामों में भी कमी दर्ज की गई है। 24 कैरेट सोना ₹15,573 प्रति ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव ₹14,275 प्रति ग्राम दर्ज किया गया। इसके अलावा 18 कैरेट सोने की कीमत ₹11,680 प्रति ग्राम रही।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव और घरेलू मांग में कमी के कारण सोने के दामों में यह नरमी देखने को मिली है।
MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स में भारी गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने के वायदा भाव में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सक्रिय गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट ₹1,54,479 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया, जो पिछले बंद भाव ₹1,55,740 प्रति 10 ग्राम से ₹1,261 कम है।
कारोबारियों का कहना है कि निवेशक फिलहाल नई पोजीशन लेने से बच रहे हैं और जोखिम कम करने की रणनीति अपना रहे हैं।
दिल्ली और नोएडा में क्या हैं ताजा रेट?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,55,880 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। वहीं 22 कैरेट सोना ₹1,42,900 प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना ₹1,16,920 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
नोएडा में भी सोने की कीमतें लगभग इसी स्तर पर बनी हुई हैं।
खरीदारी से पहले GST और मेकिंग चार्ज जानना जरूरी
सर्राफा बाजार के जानकारों के अनुसार, घोषित कीमतों में 3 प्रतिशत जीएसटी शामिल नहीं है। इसके अलावा आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज अलग से देना पड़ता है, जिससे अंतिम कीमत में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसलिए ग्राहकों को खरीदारी से पहले सभी अतिरिक्त शुल्कों की जानकारी लेना जरूरी है।
निवेशकों और ग्राहकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी में आई यह गिरावट अल्पकालिक हो सकती है। यदि वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियां स्थिर होती हैं तो आने वाले दिनों में कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों और दीर्घकालिक निवेशकों के लिए मौजूदा स्तर आकर्षक अवसर साबित हो सकते हैं।

