नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों की गिरावट के बाद शनिवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है। वैश्विक बाजारों में बढ़ती मांग, निवेशकों की सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ती रुचि और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों के चलते दोनों कीमती धातुओं के दामों में तेजी दर्ज की गई है। शादी-विवाह के सीजन में सोने और चांदी की कीमतों में आई यह बढ़ोतरी खरीदारों के बजट पर असर डाल सकती है।
क्यों बढ़ रही हैं सोने-चांदी की कीमतें?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती के संकेतों ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसके चलते सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग में तेजी आई है, जिससे कीमतों को मजबूती मिली है।
इसके अलावा, हाल के दिनों में कीमतों में आई गिरावट के दौरान निवेशकों द्वारा की गई भारी खरीदारी का असर भी अब बाजार में दिखाई दे रहा है।
24 कैरेट सोना रिकॉर्ड स्तर पर
आज 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत बढ़कर 1,48,580 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं आभूषण निर्माण में सबसे अधिक उपयोग होने वाले 22 कैरेट सोने का भाव 1,36,200 रुपये से 1,37,230 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार कर रहा है।
18 कैरेट सोने की कीमत भी बढ़कर 1,11,450 रुपये से 1,12,420 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है।
प्रमुख शहरों में सोने के ताजा भाव
देश के प्रमुख शहरों में 10 ग्राम सोने की कीमत इस प्रकार दर्ज की गई है:
- दिल्ली – 1,49,320 रुपये
- मुंबई – 1,49,580 रुपये
- कोलकाता – 1,49,380 रुपये
- चेन्नई – 1,50,020 रुपये
- हैदराबाद – 1,49,820 रुपये
- अहमदाबाद – 1,49,780 रुपये
- पटना – 1,48,910 रुपये
चांदी ने भी पकड़ी रफ्तार
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी मजबूत तेजी देखने को मिली है। भारतीय सर्राफा बाजार में एक किलो चांदी का भाव बढ़कर लगभग 2,60,000 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।
वहीं खुदरा बाजार में चांदी की कीमत 260.10 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई है। लगातार बढ़ती कीमतों ने छोटे निवेशकों और आभूषण खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है।
आयात नीति का भी दिख रहा असर
सरकार द्वारा सोने और चांदी के बेस इम्पोर्ट प्राइस में किए गए बदलाव का असर भी बाजार में देखने को मिल रहा है। आयात लागत में कमी आने से व्यापारियों का सेंटिमेंट मजबूत हुआ है और बाजार में खरीदारी गतिविधियां बढ़ी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की चाल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीतियों पर आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार जानकारों का कहना है कि यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है और ब्याज दरों में कटौती होती है तो सोना और चांदी आने वाले समय में भी मजबूत बने रह सकते हैं। हालांकि, निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले बाजार की स्थिति और विशेषज्ञों की सलाह पर ध्यान देना चाहिए।

