अभिनेत्री कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म को छह दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन शुरुआती वीकेंड के बाद इसकी कमाई में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, छठे दिन फिल्म का कलेक्शन लाखों में सिमट गया, जिससे इसके बॉक्स ऑफिस सफर को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
छठे दिन 55 लाख रुपये की कमाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘भारत भाग्य विधाता’ ने रिलीज के छठे दिन यानी बुधवार को करीब 55 लाख रुपये का नेट कलेक्शन किया। वर्किंग डे होने के कारण फिल्म की ऑक्यूपेंसी में भी गिरावट देखने को मिली और देशभर के सिनेमाघरों में औसतन केवल 11 प्रतिशत सीटें ही भर सकीं।
फिल्म के करीब 1,588 शो देशभर में चल रहे हैं, लेकिन दर्शकों की संख्या अपेक्षा से कम रही। छह दिनों में फिल्म का कुल घरेलू बॉक्स ऑफिस कलेक्शन लगभग 6.10 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
वीकेंड में मिली थी राहत, फिर गिरा ग्राफ
फिल्म ने पहले दिन 1 करोड़ रुपये की ओपनिंग हासिल की थी। इसके बाद दूसरे दिन 1.45 करोड़ रुपये और तीसरे दिन 1.80 करोड़ रुपये की कमाई के साथ कारोबार में सुधार देखने को मिला था।
हालांकि सोमवार से फिल्म की कमाई में गिरावट शुरू हो गई। चौथे दिन कलेक्शन 65 लाख रुपये तक पहुंच गया और इसके बाद बुधवार को यह आंकड़ा घटकर 55 लाख रुपये रह गया। ट्रेड विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई में उछाल नहीं आता, तो इसके लिए बॉक्स ऑफिस पर लंबी रेस में बने रहना मुश्किल हो सकता है।
‘इमरजेंसी’ से पीछे, ‘तेजस’ से आगे
अगर कंगना रनौत की हालिया फिल्मों से तुलना की जाए तो ‘भारत भाग्य विधाता’ का प्रदर्शन मिश्रित नजर आता है। कंगना की फिल्म ‘इमरजेंसी’ ने शुरुआती पांच दिनों में करीब 12.40 करोड़ रुपये का कारोबार किया था, जो इस फिल्म के मुकाबले काफी बेहतर रहा।
वहीं ‘भारत भाग्य विधाता’ का प्रदर्शन ‘तेजस’ से बेहतर माना जा रहा है। ‘तेजस’ ने रिलीज के शुरुआती पांच दिनों में लगभग 4.65 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जबकि नई फिल्म इस आंकड़े को पीछे छोड़ चुकी है।
26/11 मुंबई हमलों की पृष्ठभूमि पर आधारित है कहानी
‘भारत भाग्य विधाता’ की कहानी वर्ष 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जा रही है। फिल्म में एक साहसी नर्स की कहानी दिखाई गई है, जिसने संकट की घड़ी में मानवता और सेवा का परिचय देते हुए कई लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
बताया जाता है कि फिल्म का कथानक वास्तविक जीवन की नर्स अंजलि कुलथे से प्रेरित है, जिन्होंने 26/11 हमलों के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
बॉक्स ऑफिस पर कड़ी प्रतिस्पर्धा
फिल्म को सिनेमाघरों में अन्य नई और चर्चित फिल्मों से भी कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। यही वजह है कि सकारात्मक विषयवस्तु और भावनात्मक कहानी होने के बावजूद फिल्म दर्शकों को बड़े पैमाने पर सिनेमाघरों तक खींचने में संघर्ष करती नजर आ रही है।
अब सभी की निगाहें आने वाले वीकेंड पर टिकी हैं। यदि फिल्म को दर्शकों का सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ मिलता है, तो इसकी कमाई में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है।

