मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर जारी सियासी हलचल के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की एक साथ विमान यात्रा ने नए राजनीतिक कयासों को जन्म दे दिया है। दोनों नेता शुक्रवार को एक ही यात्री विमान से नागपुर पहुंचे। उनके साथ आदित्य ठाकरे, संजय राउत और अनिल देसाई भी मौजूद थे। इस यात्रा के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई कि क्या भविष्य में शिवसेना (यूबीटी) और बीजेपी के बीच फिर से राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं।
फ्लाइट में हुई ‘हाई लेवल चर्चा’, उद्धव ठाकरे का रहस्यमयी बयान
विदर्भ दौरे के दौरान यवतमाल में मीडिया से बातचीत करते हुए उद्धव ठाकरे ने विमान में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हुई बातचीत की पुष्टि की। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “हाँ, यह सच है कि हमारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ लंबी और उच्च स्तरीय चर्चा हुई। राजनीति में कोई भी चीज़ बिना वजह नहीं होती। उस बैठक में जो बातें हुईं और जो निर्णय लिए गए हैं, उनका असर आने वाले दिनों में सबके सामने आ जाएगा।”
उद्धव ठाकरे के इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में संभावित नए समीकरणों को लेकर चर्चाओं को और हवा दे दी है। हालांकि उन्होंने बातचीत के विषय या किसी संभावित राजनीतिक समझौते का खुलासा नहीं किया।
‘गद्दारों’ पर बरसे उद्धव ठाकरे, जनता से माफी मांगने की कही बात
‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत पार्टी छोड़ने वाले सांसदों और नेताओं पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि प्रेस के साथ अभद्र व्यवहार करना और गाली-गलौज करना शिवसेना की संस्कृति नहीं है।
उन्होंने कहा, “मुझे दुख है कि कुछ लोग वफादारी का मुखौटा पहनकर इतने वर्षों तक हमारे साथ रहे। अब मैं उन क्षेत्रों में जा रहा हूँ, जहाँ से ये नेता चुने गए थे। मैं वहां के मतदाताओं से हाथ जोड़कर माफी मांगूंगा, क्योंकि उन्होंने केवल मेरा और बालासाहेब ठाकरे का चेहरा देखकर इन उम्मीदवारों को वोट दिया था।”
‘किसानों को दाम नहीं, लेकिन बिकने वाले सांसदों का दाम तय है’
सांसदों द्वारा विकास निधि नहीं मिलने के आरोपों पर पलटवार करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि पार्टी छोड़ने की असली वजह फंड नहीं बल्कि ‘खोके’ हैं।
उन्होंने कहा, “विदर्भ का किसान अपनी फसल का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन बिकने वाले सांसदों का दाम पहले से तय है। जब विधायकों की बगावत के दौरान 50 खोके की चर्चा हुई थी, तो सोचिए सांसदों के लिए कितने खोके दिए गए होंगे। ये लोग मेरे नाम और हमारे वादों पर चुनाव जीते और बाद में जनता को छोड़ दिया।”
राजनीतिक अटकलें तेज
उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस की विमान यात्रा तथा ‘हाई लेवल चर्चा’ को लेकर अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी नए राजनीतिक समीकरण की पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि उद्धव ठाकरे के रहस्यमयी बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में संभावित बदलावों को लेकर चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।

