चेन्नई: तमिलनाडु की तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री डी सरथ कुमार करीब दो साल पुराने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) मैच के एक वायरल वीडियो को लेकर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में उन्हें सफेद रंग के पाउडर जैसे पदार्थ को संभालते हुए देखा जा रहा है, जिसके बाद विपक्षी दलों और सोशल मीडिया यूजर्स ने उन पर सार्वजनिक स्थान पर ड्रग्स का सेवन करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, मंत्री ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि वह उनकी बेटी की दवा थी।
दो साल पुराने वीडियो ने फिर पकड़ा तूल
विवादित वीडियो करीब दो साल पुराना बताया जा रहा है, जिसे स्वयं डी सरथ कुमार ने उस समय ‘Thug Life Moments’ कैप्शन के साथ सोशल मीडिया पर साझा किया था। वीडियो में वह मोबाइल फोन की स्क्रीन पर ATM कार्ड की मदद से सफेद रंग के पाउडर जैसी वस्तु को फैलाते हुए नजर आते हैं।
हाल ही में तमिलनाडु में नशामुक्ति अभियान के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में उनकी भागीदारी के बाद यह पुराना वीडियो फिर से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। इसके बाद विरोधियों ने मंत्री पर नशे का सेवन करने के आरोप लगाने शुरू कर दिए।
मंत्री ने वीडियो जारी कर दी सफाई
विवाद बढ़ने पर डी सरथ कुमार ने अपनी पत्नी और बेटी के साथ करीब दो मिनट का वीडियो जारी कर आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि उनके पुराने वीडियो को गलत संदर्भ में पेश कर झूठी कहानी फैलाई जा रही है।
मंत्री ने कहा, “आज सुबह मैंने नशा-विरोधी अभियान में हिस्सा लिया। इसके बाद मेरे पुराने वीडियो का इस्तेमाल कर यह झूठा दावा किया जा रहा है कि मैं IPL मैच के दौरान ड्रग्स ले रहा था, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है।”
‘बेटी गोली नहीं निगल सकती थी, इसलिए दवा पीस रहा था’
डी सरथ कुमार ने बताया कि उनकी बेटी उस समय गोली निगल नहीं सकती थी। उनकी पत्नी ने उनसे दवा को पीसने के लिए कहा था ताकि उसे पानी में मिलाकर बेटी को दिया जा सके।
उन्होंने कहा, “मैं केवल अपनी बेटी की दवा पीस रहा था। उस समय स्टेडियम में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी और मैं अपने परिवार व हजारों दर्शकों के बीच मौजूद था। ऐसे माहौल में इस तरह के आरोप लगाना पूरी तरह निराधार और दुर्भावनापूर्ण है।”
परिवार को हुई मानसिक पीड़ा
मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर लगाए गए इन आरोपों से उन्हें और उनके परिवार को गहरा मानसिक आघात पहुंचा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना तथ्य जाने किसी भी वीडियो या दावे पर विश्वास न करें।

