तमिलनाडु में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद बनी नई राजनीतिक व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। साउथ सुपरस्टार जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के नेतृत्व में बनी गठबंधन सरकार पर डीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने तीखा हमला बोला है।
TVK के नेतृत्व में गठबंधन सरकार का गठन
विधानसभा चुनाव में TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरते हुए सरकार बनाई। कांग्रेस और अन्य दलों के समर्थन से गठबंधन सरकार बनी और जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
चुनाव परिणामों में DMK को 59 सीटें और AIADMK को 47 सीटें मिलीं। वहीं कांग्रेस और अन्य दलों ने 20 सीटें जीतीं और बाद में TVK को समर्थन देकर सत्ता गठन का रास्ता साफ किया।
एमके स्टालिन का बड़ा दावा, सरकार पर उठाए सवाल
डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने दावा किया कि विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार स्थिर नहीं है और अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी।
उन्होंने कहा कि TVK के पास स्वतंत्र बहुमत नहीं है और यह सरकार उन दलों के समर्थन पर टिकी है जो पहले DMK गठबंधन का हिस्सा थे। स्टालिन ने आरोप लगाया कि जनता का वास्तविक जनादेश DMK के पक्ष में था।
‘सरकार सिर्फ राजनीतिक समझौते पर टिकी’ – स्टालिन
एक कार्यक्रम के दौरान स्टालिन ने कहा कि मौजूदा सरकार कई छोटे दलों के समर्थन से बनी है और यह समर्थन स्थायी नहीं है। उन्होंने TVK सरकार की तुलना एक अस्थिर राजनीतिक व्यवस्था से की और कहा कि यह “किसी तरह आगे बढ़ रही सरकार” है।
स्टालिन ने यह भी कहा कि TVK को जनता से स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, इसलिए उसकी सरकार की नींव कमजोर है।
राजनीतिक समीकरणों से बदला सत्ता का खेल
चुनाव के बाद कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन दिए जाने से सत्ता समीकरण पूरी तरह बदल गया। यही समर्थन विजय सरकार के गठन की सबसे बड़ी वजह बना।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह गठबंधन अस्थिर माना जा रहा है क्योंकि इसमें कई छोटे दल शामिल हैं जिनकी विचारधारा पहले DMK के साथ जुड़ी हुई थी।
तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी टकराव की स्थिति
CM विजय की TVK सरकार और DMK के बीच यह सियासी टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। विपक्ष लगातार सरकार की स्थिरता और जनादेश पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्तापक्ष अपनी स्थिति को मजबूत बता रहा है।

