FIFA World Cup 2026 Round of 32: फुटबॉल विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरण में सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल से बाहर कर दिया।
2026 फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में फुटबॉल प्रशंसकों को बड़ा झटका लगा, जब चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को पराग्वे के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। निर्धारित समय और अतिरिक्त समय तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहने के बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जिसमें पराग्वे ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
1-1 की बराबरी के बाद पेनल्टी शूटआउट में पलटा मैच
फॉक्सबरो के गिलेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में पराग्वे ने 42वें मिनट में गोल कर 1-0 की बढ़त हासिल की और पहले हाफ तक यही स्कोर कायम रहा।
दूसरे हाफ में जर्मनी ने शानदार वापसी की। स्टार खिलाड़ी काई हैवर्ट्ज ने 54वें मिनट में बेहतरीन हेडर के जरिए गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
इसके बाद निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त 30 मिनट में दोनों टीमें कोई निर्णायक गोल नहीं कर सकीं, जिसके चलते मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचा।
VAR ने छीनी जर्मनी की बढ़त
मैच के दौरान जोनाथन ताह ने जर्मनी के लिए एक गोल किया था, लेकिन VAR समीक्षा के बाद फाउल के कारण उसे रद्द कर दिया गया। यह फैसला अंत में जर्मनी के लिए काफी महंगा साबित हुआ।
टूटा जर्मनी का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
इस हार के साथ जर्मनी का विश्व कप इतिहास का एक शानदार रिकॉर्ड भी समाप्त हो गया। इससे पहले जर्मनी फीफा वर्ल्ड कप में कभी भी पेनल्टी शूटआउट नहीं हारा था।
पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी के काई हैवर्ट्ज, निक वोल्टेमाडे और जोनाथन ताह अपने प्रयासों को गोल में नहीं बदल सके। वहीं अनुभवी गोलकीपर मैनुअल नोयर भी टीम को हार से नहीं बचा पाए।
जोसे कानाले बने पराग्वे की जीत के हीरो
पराग्वे की ओर से एंटोनियो सानाब्रिया और फाबियान बालबुएना ने भी पेनल्टी मिस की, लेकिन ‘सडन डेथ’ में जोसे कानाले ने निर्णायक गोल दागकर अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिला दी।
यह जीत पराग्वे के विश्व कप इतिहास की सबसे यादगार सफलताओं में शामिल हो गई है।
फीफा रैंकिंग के हिसाब से बड़ा उलटफेर
फीफा रैंकिंग के अनुसार जर्मनी विश्व की 10वीं रैंकिंग वाली टीम है, जबकि पराग्वे 41वें स्थान पर है। दोनों टीमों के बीच 31 स्थानों का अंतर होने के बावजूद पराग्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ा उलटफेर कर दिया।
1992 में फीफा रैंकिंग प्रणाली शुरू होने के बाद यह नॉकआउट चरण के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक माना जा रहा है। साथ ही, यह पराग्वे की विश्व कप इतिहास में पेनल्टी शूटआउट के जरिए दूसरी जीत और जर्मनी के खिलाफ पहली नॉकआउट सफलता है।

