देश की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में एक और बड़ा मील का पत्थर जुड़ने जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रविवार, 5 जुलाई को मुंबई में विक्रोली से बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) तक भूमिगत सुरंग की खुदाई का शुभारंभ करेंगे। पहली बार इस परियोजना में अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) का इस्तेमाल किया जाएगा।
20.37 किलोमीटर लंबी होगी सुरंग
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के तहत 20.37 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया जाएगा। इसमें 15.4 किलोमीटर हिस्से की खुदाई टनल बोरिंग मशीन (TBM) से होगी, जबकि 4.8 किलोमीटर हिस्से का निर्माण पहले ही ड्रिल-एंड-ब्लास्ट तकनीक से पूरा किया जा चुका है।
7 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे बनेगा
इस सुरंग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका 7 किलोमीटर लंबा हिस्सा समुद्र के नीचे से होकर गुजरेगा। सुरंग जमीन से करीब 65 मीटर की गहराई में बनाई जाएगी। इस परियोजना के लिए जर्मनी में निर्मित दो अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जिन्हें मार्च 2026 में समुद्री मार्ग से भारत लाया गया था।
BKC और शिलफाटा को जोड़ेगी सुरंग
यह सुरंग बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) और शिलफाटा के बीच कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। पहली TBM विक्रोली से BKC की ओर लगभग 5.8 किलोमीटर तक खुदाई करेगी, जबकि दूसरी मशीन सावली से विक्रोली तक 9.7 किलोमीटर लंबे हिस्से की खुदाई करेगी, जिसमें समुद्र के नीचे का हिस्सा भी शामिल है।
रेल मंत्री करेंगे खुदाई का शुभारंभ
नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के अनुसार, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव विक्रोली में एक बटन दबाकर TBM के संचालन की शुरुआत करेंगे। यह मशीन जमीन से 56.6 मीटर नीचे स्थापित की गई है। दूसरी TBM को सावली में असेंबल किया जा रहा है और इसके जल्द ही काम शुरू करने की उम्मीद है।
हर महीने 300 मीटर तक होगी खुदाई
दोनों टनल बोरिंग मशीनें हर महीने लगभग 300 मीटर तक सुरंग की खुदाई करने में सक्षम हैं। परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

