आज भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत रुख, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के चलते दोनों कीमती धातुओं के दाम में बड़ी तेजी देखने को मिली है। इसके चलते घरेलू बाजार में खरीदारों और निवेशकों की गतिविधियां भी बढ़ गई हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है। वहीं, अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेतों ने भी वैश्विक बाजार की धारणा को मजबूती दी है।
सोने का आज का भाव
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने की कीमत में 3,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बाद सोने का भाव 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है।
वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव मामूली गिरावट के साथ 1,47,365 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
आज के प्रमुख गोल्ड रेट:
- 24 कैरेट (दिल्ली): ₹1,47,500 प्रति 10 ग्राम
- MCX गोल्ड फ्यूचर: ₹1,47,365 प्रति 10 ग्राम
- 24 कैरेट (बुलियन रेट): ₹1,47,820 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: ₹1,35,502 प्रति 10 ग्राम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 1% की तेजी के साथ 4,070.04 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।
चांदी भी हुई महंगी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ा उछाल देखने को मिला। दिल्ली में चांदी 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी होकर 2,40,000 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है।
MCX पर चांदी का वायदा भाव 89 रुपये की बढ़त के साथ 2,37,499 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रहा है। वहीं, इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार पिछली क्लोजिंग पर चांदी का भाव 2,33,858 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया।
वैश्विक बाजार में हाजिर चांदी 1.3% की तेजी के साथ 59.89 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक कई वैश्विक कारणों से कीमती धातुओं में तेजी बनी हुई है।
- अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आने से सोना विदेशी खरीदारों के लिए सस्ता हो गया है।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नरम रुख से ब्याज दरों को लेकर चिंता कम हुई है।
- बैंक ऑफ जापान के हस्तक्षेप से जापानी येन मजबूत हुआ, जिससे डॉलर पर दबाव बढ़ा।
- भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बढ़ी है।
- निवेशकों की नजर अब अमेरिका की नॉन-फार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट पर है, जिससे आगे बाजार की दिशा तय हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को किसी भी बड़े निवेश से पहले बाजार की चाल और वैश्विक संकेतों पर नजर रखनी चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कीमती धातुएं अब भी सुरक्षित निवेश का विकल्प बनी हुई हैं, लेकिन अल्पकालिक निवेश में सावधानी बरतना जरूरी है।

