PM Modi Australia Visit: मेलबर्न में पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों को दिया न्योता, 2030 तक 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य का किया जिक्र

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ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेलबर्न में आयोजित CEOs फोरम को संबोधित करते हुए भारत को वैश्विक निवेश का सबसे बड़ा अवसर बताया। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, एआई, रक्षा, खनन और डिजिटल अर्थव्यवस्था समेत कई क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया।

तीन देशों की विदेश यात्रा के तहत ऑस्ट्रेलिया पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेलबर्न में CEOs फोरम को संबोधित करते हुए भारत को दुनिया के सबसे आकर्षक निवेश केंद्रों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग भविष्य में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

स्वच्छ ऊर्जा में भारत की बड़ी योजनाओं का किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हाइड्रोपावर, ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर मॉड्यूल और विंड टर्बाइन के लिए मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करना और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य पूरा करना है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया के विशाल यूरेनियम भंडार और तकनीकी विशेषज्ञता भारत की इस महत्वाकांक्षा को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों को निवेश का न्योता

पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों से भारत के बंदरगाह, हवाई अड्डे, सड़क, रेलवे और शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में दीर्घकालिक निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की पूंजी, तकनीक और संसाधन भारत की तेज आर्थिक विकास यात्रा को और गति दे सकते हैं।

उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स, माइनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, एविएशन, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फिनटेक, फूड प्रोसेसिंग और डिजिटल इकोनॉमी को दोनों देशों के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्र बताया।

CECA समझौता जल्द पूरा करने की अपील

मेलबर्न में 200 से अधिक प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को लेकर साझा दृष्टिकोण और मजबूत जनसंपर्क आर्थिक साझेदारी की मजबूत नींव हैं।

उन्होंने वर्ष 2022 में हुए व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता (CECA) को जल्द अंतिम रूप देने की अपील की। साथ ही रेयर अर्थ मिनरल्स, लिथियम, बैटरी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), AI और रक्षा क्षेत्र में संयुक्त निवेश बढ़ाने पर जोर दिया।

राज्यों और प्रांतों के बीच साझेदारी का सुझाव

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के विभिन्न राज्यों और ऑस्ट्रेलिया के प्रांतों के बीच प्रत्यक्ष आर्थिक एवं औद्योगिक साझेदारी बढ़ाने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के सहयोग से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी।

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