UP Cabinet: कानपुर में बनेगा महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

Thecity news
4 Min Read

यूपी कैबिनेट के फैसले से कृषि शिक्षा और जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा, तीन निजी विश्वविद्यालयों और रायबरेली में बागवानी कॉलेज को भी स्वीकृति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी गई। यह विश्वविद्यालय कानपुर के बिल्हौर में स्थापित किया जाएगा और इसे कृषि शिक्षा, अनुसंधान, प्राकृतिक एवं जैविक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद महर्षि संस्थान के अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का आभार जताते हुए इसे महर्षि महेश योगी के जैविक खेती के सपने को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

कृषि अनुसंधान और किसानों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ

महर्षि संस्थान का कहना है कि यह विश्वविद्यालय विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। संस्थान के उपाध्यक्ष राहुल भारद्वाज ने बताया कि विश्वविद्यालय के माध्यम से किसानों तक उन्नत कृषि तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती की आधुनिक विधियां पहुंचाई जाएंगी। वहीं, गवर्निंग बॉडी के सदस्य पंकज शर्मा ने कहा कि यह संस्थान कृषि शिक्षा और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनेगा तथा युवाओं के लिए नए अवसर भी तैयार करेगा।

अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने जताया आभार

महर्षि संस्थान के अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि यह संस्थान के लिए गौरव और ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना को अंतिम मंजूरी दिए जाने से कृषि शिक्षा और जैविक खेती के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।

तीन निजी विश्वविद्यालयों को भी मिली स्वीकृति

कैबिनेट ने महर्षि महेश योगी अंतरराष्ट्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अलावा गाजियाबाद स्थित अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय और फतेहपुर स्थित ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय सहित तीन निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा रायबरेली में बागवानी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की भी स्वीकृति दी गई है। इसके लिए 20 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है और 50 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।

28 प्रस्तावों पर लगी मुहर

योगी कैबिनेट ने बैठक में कुल 28 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद शहर का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके साथ ही जलालाबाद नगर पालिका परिषद का नाम भी बदलकर परशुरामपुरी नगर पालिका परिषद कर दिया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन निदेशालय की स्थापना, नई स्टार्टअप नीति और डेटा सेंटर नीति समेत कई अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

यह फैसला प्रदेश में उच्च शिक्षा, कृषि अनुसंधान, नवाचार और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *