आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे की हार के बाद जिम्बाब्वे सीरीज पर टीम इंडिया की नजर, कप्तान श्रेयस अय्यर ने खिलाड़ियों में भरा आत्मविश्वास
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला हरारे में खेला जाएगा। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया के लिए यह सीरीज बेहद अहम मानी जा रही है। ऐसे में कप्तान श्रेयस अय्यर ने पहले मुकाबले से पहले खिलाड़ियों को निडर होकर खेलने का संदेश दिया है।
‘फेल होने का डर निकाल फेंको’
मैच से पहले हरारे में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रेयस अय्यर ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी को असफल होने का डर नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक यदि खिलाड़ी डर के साथ मैदान पर उतरेंगे तो वे खुलकर नहीं खेल पाएंगे और केवल अपना विकेट बचाने की कोशिश करेंगे, जिससे टीम को नुकसान होगा।
अय्यर ने कहा, “अगर खिलाड़ी फेल होने का डर अपने अंदर से निकाल दें, तो वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं।”
‘लोग क्या कहेंगे, इसकी परवाह नहीं’
भारतीय कप्तान ने कहा कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि बाहर लोग क्या कह रहे हैं या ड्रेसिंग रूम में कैसी चर्चाएं हो रही हैं। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरी टीम एकजुट होकर सकारात्मक सोच के साथ मैदान पर उतरे और बेहतरीन क्रिकेट खेले।
कप्तानी में अब तक नहीं मिली जीत
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत अब तक सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुका है, लेकिन टीम को एक भी जीत नहीं मिली है। आयरलैंड दौरे पर भारत को पहली बार टी20 सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर भी भारत 5 मैचों की टी20 सीरीज 0-4 से हार गया, जबकि एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था।
जिम्बाब्वे में शानदार रिकॉर्ड
हालांकि जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड शानदार रहा है। टीम इंडिया टी20 सीरीज के लिए इससे पहले चार बार जिम्बाब्वे का दौरा कर चुकी है और हर बार सीरीज अपने नाम की है। ऐसे में पांचवें दौरे पर भी भारतीय टीम जीत की परंपरा कायम रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में यह सीरीज टीम इंडिया के लिए सिर्फ जीत हासिल करने का ही नहीं, बल्कि हालिया हार के सिलसिले को खत्म कर आत्मविश्वास वापस पाने का भी बड़ा मौका होगी।

