NEET पेपर लीक पर PM मोदी का आधी रात वीडियो मैसेज, छात्रों को दिया भरोसा; फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त कानून की तैयारी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात 11:52 बजे जारी किए गए सेल्फी वीडियो में छात्रों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि पेपर लीक मामूली घटना नहीं है। सरकार दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर रही है और जल्द ही परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए नया कानून लाया जाएगा।

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात 11:52 बजे एक सेल्फी वीडियो संदेश जारी कर देशभर के छात्रों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके भविष्य की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। करीब तीन मिनट के इस वीडियो में प्रधानमंत्री ने सीधे छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लीक कोई “मामूली बात नहीं” है और इससे लाखों छात्रों व उनके परिवारों को गहरा दुख पहुंचा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की घटना के बाद पिछले ढाई महीनों में कई अहम कदम उठाए गए हैं। मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के लिए नए कानून की तैयारी कर रही है।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एक प्रस्तावित कानून के मसौदे पर चर्चा होगी। इस कानून में परीक्षा से जुड़े अपराधों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने तथा पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों में शामिल लोगों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा। सरकार संसद में जल्द से जल्द इस विधेयक को पारित कराने का प्रयास करेगी।

प्रधानमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह थी कि किसी भी छात्र का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो। इसी उद्देश्य से कम समय में लगभग 22 लाख छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित कराई गई और 19 तारीख को परिणाम भी घोषित कर दिए गए। उन्होंने कहा कि देशभर में सफल छात्र अपनी उपलब्धियों का जश्न मना रहे हैं, लेकिन सरकार केवल परीक्षा संपन्न कराने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाएगी।

इस वीडियो संदेश की खास बात इसका समय और प्रस्तुति रही। प्रधानमंत्री आमतौर पर सरकारी मंचों से राष्ट्र को संबोधित करते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने सेल्फी मोड में रिकॉर्ड किया गया वीडियो जारी किया। इसे युवाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय पीढ़ी तक सीधे पहुंचने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

वीडियो में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की और पूरा फोकस छात्रों की चिंताओं तथा परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने पर रखा। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से कोई समझौता नहीं करेगी और परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

वरिष्ठ पत्रकार स्मिता प्रकाश ने भी इस नए संवाद शैली की सराहना करते हुए कहा कि आधी रात को पोस्ट किए गए सेल्फी वीडियो को करोड़ों लोगों ने देखा और यह संवाद का एक नया तथा प्रभावी तरीका साबित हुआ। हालांकि सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। कई लोगों ने इसे सकारात्मक पहल बताया, जबकि कुछ ने शिक्षा मंत्री की जवाबदेही और प्रेस कॉन्फ्रेंस की मांग उठाई।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी लिखा था कि युवाओं की भलाई और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लगातार दो संदेशों के जरिए सरकार ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों का विश्वास बहाल करना उसकी प्राथमिकता है।

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