राम मंदिर दान विवाद का असर: अयोध्या में श्रद्धालु घटे, होटल और बाजारों का कारोबार 80% तक प्रभावित

Thecity news
4 Min Read

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और वित्तीय गड़बड़ियों के विवाद के बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है। इसका असर होटल, गेस्ट हाउस और स्थानीय बाजारों के कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है।

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और कथित वित्तीय गड़बड़ियों के विवाद के बाद अयोध्या की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर इसका असर दिखाई देने लगा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, विवाद सामने आने के बाद राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही दान देने को लेकर भी श्रद्धालुओं का रुख बदला है, जिससे मंदिर के आसपास के होटल, गेस्ट हाउस और स्थानीय कारोबार प्रभावित हुए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, कई श्रद्धालुओं का कहना है कि उनकी आस्था भगवान राम में पहले जैसी ही है, लेकिन मंदिर का संचालन करने वाले ट्रस्ट पर उनका भरोसा कमजोर हुआ है। इसी कारण कई लोग दानपेटी में बड़ी राशि चढ़ाने के बजाय जरूरतमंद लोगों की सहायता करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

हरियाणा के हिसार से आए श्रद्धालु रामकृष्ण जैन ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में राम मंदिर में 5,100 रुपये का दान दिया था, लेकिन इस बार उन्होंने केवल 51 रुपये ही चढ़ाए। उनका कहना है कि सोशल मीडिया और विभिन्न खबरों में सामने आए दान विवाद के बाद कई श्रद्धालु सोना, चांदी, आभूषण और बड़ी नकद राशि दान करने से बच रहे हैं।

होटल और गेस्ट हाउस कारोबार पर सबसे ज्यादा असर

राम मंदिर के आसपास होटल और गेस्ट हाउस संचालकों का कहना है कि श्रद्धालुओं की संख्या घटने से उनके व्यवसाय पर गंभीर असर पड़ा है। मंदिर के पास 20 कमरों का गेस्ट हाउस संचालित करने वाले हरिओम वर्मा के अनुसार, पिछले एक महीने में उनका कारोबार लगभग 80 प्रतिशत तक घट गया है।

मध्यम और बजट श्रेणी के दो और तीन सितारा होटलों के संचालकों का भी कहना है कि मानसून में सामान्य रूप से पर्यटकों की संख्या कुछ कम रहती है, लेकिन इस बार पिछले वर्ष की तुलना में बुकिंग में असामान्य गिरावट दर्ज की गई है।

बाजारों में भी कारोबार हुआ प्रभावित

राम मंदिर के आसपास स्थित हरिश्चंद्र मार्केट, रिकाबगंज और अन्य बाजारों के दुकानदार भी ग्राहकों की कमी से परेशान हैं। पूजा सामग्री, पीतल के बर्तन, धार्मिक तस्वीरें और कपड़े बेचने वाले व्यापारियों का कहना है कि पिछले एक महीने में उनका कारोबार 50 से 70 प्रतिशत तक घट गया है।

पूजा सामग्री विक्रेता बलराम गुप्ता के अनुसार, पहले सामान्य दिनों में प्रतिदिन 10 से 12 हजार रुपये तक की बिक्री हो जाती थी, लेकिन अब 2 हजार रुपये की बिक्री करना भी मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि आने वाले कई श्रद्धालु खरीदारी करने के बजाय दान विवाद और उससे जुड़े आरोपियों के बारे में जानकारी लेने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं।

मामले की जांच जारी, कई गिरफ्तार

चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने अब तक ट्रस्ट से जुड़े आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है। विवाद बढ़ने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है।

Share This Article