OUAT के PG और PhD छात्रों को हर महीने मिलेगा स्टाइपेंड, ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला

Thecity news
3 Min Read

ओडिशा सरकार ने OUAT में एग्रीकल्चर और संबद्ध विषयों के पीजी व पीएचडी छात्रों के लिए मासिक स्टाइपेंड योजना शुरू की, जिससे उच्च शिक्षा और कृषि अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।

ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी (OUAT) में पोस्टग्रेजुएशन (PG) और पीएचडी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। ओडिशा सरकार ने एग्रीकल्चर और उससे जुड़े विषयों में नियमित पाठ्यक्रम के तहत पढ़ाई कर रहे छात्रों को हर महीने स्टाइपेंड देने की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देना तथा छात्रों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।

ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के माध्यम से इस पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में यह निर्णय कृषि अनुसंधान को प्रोत्साहित करने और इस क्षेत्र में नवाचार बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।

किसे कितना मिलेगा स्टाइपेंड?

एग्रीकल्चर और संबद्ध विषयों में OUAT के नियमित पोस्टग्रेजुएट छात्रों को दो वर्ष तक हर महीने 10,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा।

वहीं, पीएचडी कर रहे छात्रों को तीन वर्ष तक प्रति माह 15,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे छात्र आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर अपनी पढ़ाई और शोध पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।

रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा

यह योजना OUAT में एग्रीकल्चर और संबंधित विषयों में पोस्टग्रेजुएट तथा डॉक्टोरल कार्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को लाभ पहुंचाएगी। सरकार के अनुसार, इस आर्थिक सहायता से विद्यार्थियों का वित्तीय बोझ कम होगा और वे शोध तथा अकादमिक उत्कृष्टता पर अधिक समय दे सकेंगे।

सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से अधिक युवा कृषि अनुसंधान को करियर के रूप में चुनने के लिए प्रेरित होंगे। इससे खेती के आधुनिक तरीकों में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और ओडिशा के कृषि क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

राज्य सरकार का मानना है कि विद्यार्थियों में किया गया यह निवेश भविष्य में एक मजबूत कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पहल शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से भारत के कृषि विकास में भी योगदान देगी।

Share This Article