भारत में स्पैम कॉल और मैसेज की समस्या अब सिर्फ परेशानी तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह साइबर फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। दूरसंचार नियामक ट्राई की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान देश में 24.4 अरब से ज्यादा स्पैम कॉल और मैसेज दर्ज किए गए। यानी औसतन हर दिन करीब 26 करोड़ स्पैम कम्युनिकेशन लोगों तक पहुंचे।
एआई ने करोड़ों संदिग्ध कॉल पकड़े
स्पैमर्स और साइबर ठगों पर लगाम लगाने के लिए टेलीकॉम कंपनियां एआई आधारित स्पैम डिटेक्शन सिस्टम का इस्तेमाल कर रही हैं। ट्राई और टेलीकॉम कंपनियों के सिस्टम ने इस दौरान करीब 22.99 अरब संदिग्ध कॉल की पहचान की। यह कुल कॉल ट्रैफिक का लगभग 3.2 प्रतिशत बताया गया है।
इसके अलावा एआई सिस्टम ने करीब 1.44 अरब संदिग्ध स्पैम मैसेज को भी फ्लैग या ट्रैक किया। इससे पता चलता है कि मोबाइल नेटवर्क पर आने वाला हर अनजान कॉल या मैसेज सामान्य मार्केटिंग कम्युनिकेशन नहीं हो सकता।
सरकार ने 1.83 लाख से ज्यादा नंबर किए ब्लॉक
स्पैम और धोखाधड़ी वाले कम्युनिकेशन के खिलाफ सरकार और ट्राई ने भी कार्रवाई की है। नियमों का उल्लंघन करने वाले 1.83 लाख से ज्यादा टेलीकॉम रिसोर्सेज पर कार्रवाई की गई।
इनमें करीब 1.37 लाख नंबरों को पहली गलती पर 15 दिनों के लिए प्रतिबंधित किया गया, जबकि बार-बार नियम तोड़ने वाले 46,786 कनेक्शनों को एक साल के लिए डिस्कनेक्ट किया गया। इसके अलावा स्पैम मैसेज भेजने वाले 263 थोक प्रेषकों को ब्लैकलिस्ट किया गया और 2,873 एसएमएस हेडर्स को स्थायी रूप से ब्लॉक किया गया।
जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया पर भी कार्रवाई
ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों की जिम्मेदारी तय करते हुए नेटवर्क पर स्पैम रोकने में लापरवाही को लेकर बड़ी कंपनियों पर भी जुर्माना लगाया है। इसमें रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं।
स्पैम नेटवर्क का इस्तेमाल अक्सर फर्जी केवाईसी अपडेट, बैंकिंग फ्रॉड, नकली लोन ऑफर और यूपीआई स्कैम के लिए किया जाता है। ठग कभी बैंक अधिकारी तो कभी सरकारी विभाग या किसी बड़ी कंपनी के प्रतिनिधि बनकर लोगों को निशाना बनाते हैं।
स्पैम कॉल सिर्फ परेशानी नहीं, बड़ा साइबर खतरा
मौजूदा आंकड़ों को देखते हुए स्पैम कम्युनिकेशन सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। एआई और नेटवर्क स्तर की निगरानी से बड़ी संख्या में संदिग्ध कम्युनिकेशन पकड़े जा रहे हैं, लेकिन यूजर्स की सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।
अनजान कॉल पर ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी या बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचना डिजिटल सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

