IND vs SL: सोनल दिनुषा ने भारत के खिलाफ रचा इतिहास, पहले दो टेस्ट में 4 फिफ्टी प्लस स्कोर करने वाले पहले बल्लेबाज

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कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका की वापसी के हीरो बने दिनुषा, भारत के खिलाफ लगातार शानदार प्रदर्शन से बनाया बड़ा रिकॉर्ड

कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका ने जबरदस्त वापसी की है और इस कमबैक में सोनल दिनुषा की भूमिका बेहद अहम रही है। भारत के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए दिनुषा ने ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जो इससे पहले कोई क्रिकेटर नहीं कर सका था। उन्होंने भारत के खिलाफ अपने पहले दो टेस्ट मैचों की चारों पारियों में फिफ्टी प्लस स्कोर बनाया है।

पहले दो टेस्ट की चारों पारियों में 50 से ज्यादा रन

सोनल दिनुषा पहले ऐसे क्रिकेटर बन गए हैं, जिन्होंने भारत के खिलाफ अपने शुरुआती दो टेस्ट मैचों की चारों पारियों में फिफ्टी प्लस स्कोर किया है। उन्होंने गॉल और कोलंबो टेस्ट में अब तक खेली चार पारियों में लगातार बड़ी पारियां खेलकर यह खास उपलब्धि हासिल की।

गॉल टेस्ट की पहली पारी में दिनुषा ने 100 रन बनाए थे, जबकि दूसरी पारी में वह 84 रन बनाकर नाबाद रहे। इसके बाद कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने 103 रन की शानदार पारी खेली। दूसरी पारी में भी उन्होंने फिफ्टी प्लस स्कोर बनाकर अपना रिकॉर्ड और मजबूत कर लिया।

सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज

भारत के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की चार पारियों में चार फिफ्टी प्लस स्कोर बनाने के साथ ही सोनल दिनुषा इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। लगातार बड़ी पारियां खेलने के कारण वह श्रीलंका की बल्लेबाजी के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं।

दिनुषा ने मुश्किल परिस्थितियों में अपनी टीम के लिए अहम पारियां खेलीं। खासकर कोलंबो टेस्ट में उनके प्रदर्शन ने श्रीलंका को मैच में वापसी करने और भारत की जीत की उम्मीदों को कमजोर करने में बड़ी भूमिका निभाई।

भारत के खिलाफ एक और बड़ा रिकॉर्ड

सोनल दिनुषा ने भारत के खिलाफ एक और खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वह श्रीलंका के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने नंबर 6 या उससे नीचे के क्रम में बल्लेबाजी करते हुए भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में एक से ज्यादा शतक लगाए हैं।

दिनुषा के लगातार शानदार प्रदर्शन ने न सिर्फ श्रीलंका को मजबूती दी है, बल्कि भारत के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी की खास क्षमता भी सामने आई है। गॉल से लेकर कोलंबो तक उन्होंने लगातार बड़ी पारियां खेलकर अपनी टीम के लिए अहम योगदान दिया है।

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