कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स 74,199 और निफ्टी 23,299 पर; मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लाल निशान में
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए। सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स 628 अंक यानी 0.84 प्रतिशत गिरकर 74,199 पर था, जबकि निफ्टी 207 अंक यानी 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,299 पर कारोबार कर रहा था।
इससे पहले बुधवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। हालांकि, गुरुवार को शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला और ज्यादातर प्रमुख सेक्टर लाल निशान में चले गए।
फाइनेंशियल शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
शुरुआती कारोबार में गिरावट का सबसे ज्यादा असर फाइनेंशियल सेक्टर पर देखने को मिला। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स करीब 2-2 प्रतिशत की गिरावट के साथ प्रमुख लूजर्स में रहे।
इसके अलावा निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी मेटल, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी इंफ्रा, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी कंजम्प्शन और निफ्टी एनर्जी समेत लगभग सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
सेंसेक्स के इन शेयरों में दिखी खरीदारी
सेंसेक्स पैक में शुरुआती कारोबार के दौरान कुछ शेयरों में तेजी देखने को मिली। टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एचसीएल टेक, टीसीएस और इंफोसिस गेनर्स में शामिल रहे।
वहीं, दूसरी ओर बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, एलएंडटी, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, एमएंडएम, भारती एयरटेल और इटरनल समेत कई प्रमुख शेयरों में गिरावट रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में
बाजार में गिरावट का असर केवल लार्जकैप शेयरों तक सीमित नहीं रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी कमजोर शुरुआत के साथ कारोबार कर रहे थे।
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 606 अंक यानी 0.97 प्रतिशत गिरकर 61,808 पर आ गया। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 147 अंक यानी 0.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,844 पर कारोबार कर रहा था।
हालांकि, हाल के बाजार रुझान में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में घरेलू निवेशकों की मजबूत लिक्विडिटी के कारण खरीदारी बनी हुई है। इसके चलते इन सेगमेंट के कुछ ग्रोथ शेयर ऊंचे वैल्यूएशन के बावजूद निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं।
कच्चा तेल 100 डॉलर के पार, बॉन्ड यील्ड भी बढ़ी
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड का 102 डॉलर प्रति बैरल के पार जाना और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का बढ़कर 5.11 प्रतिशत होना भारतीय शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमत और बॉन्ड यील्ड से जुड़ी ये वैश्विक चुनौतियां बनी रहती हैं, तब तक बाजार में तेज रिकवरी पर दबाव रह सकता है। वहीं, लार्जकैप शेयर अपेक्षाकृत सही वैल्यूएशन के बावजूद फिलहाल सुस्त नजर आ रहे हैं।
ज्यादातर एशियाई बाजार लाल निशान में
भारतीय बाजार की कमजोर शुरुआत के पीछे वैश्विक बाजारों का रुख भी एक प्रमुख कारण रहा। गुरुवार को टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और जकार्ता के बाजारों में कमजोरी देखने को मिली।
इससे पहले बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। ऐसे में एशियाई बाजारों में कमजोर रुख का असर भारतीय बाजार की शुरुआती कारोबारी धारणा पर भी दिखाई दिया।

