Greater Noida Bus Fire: धुआं और जलने की बदबू के बाद भी नहीं रोकी बस, 9 की मौत; अब सामने आई पूरी कहानी

Thecity news
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यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में रात करीब 11:30 बजे लगी आग, एफआईआर में यात्री ने ड्राइवर-कंडक्टर पर चेतावनी नजरअंदाज करने का आरोप लगाया; सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की मदद का ऐलान किया

ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती स्लीपर बस में लगी भीषण आग ने नौ यात्रियों की जान ले ली। हादसा बुधवार देर रात करीब 11:30 बजे जेवर इलाके में हुआ, जब बिहार नंबर की बस दिल्ली से महोबा जा रही थी। आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।

पुलिस के मुताबिक, बस में करीब 35 यात्री सवार थे। रेस्क्यू टीमों ने कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि नौ लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक महिला और आठ पुरुष शामिल बताए गए हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज और राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

‘कुछ जल रहा है…’ यात्रियों ने ड्राइवर को दी थी चेतावनी

हादसे के बाद सामने आई एफआईआर में यात्री सुनील कुमार ने घटना की पूरी जानकारी पुलिस को दी है। शिकायत के मुताबिक, आग लगने से कुछ समय पहले यात्रियों को बस के ड्राइवर केबिन की तरफ से जलने की बदबू और धुआं महसूस हुआ था।

यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर को इसकी जानकारी देते हुए बस रोककर जांच करने को कहा। एफआईआर में आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर ने यात्रियों की चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया और बस को तत्काल नहीं रोका। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों केबिन में धूम्रपान कर रहे थे।

हालांकि, ये आरोप फिलहाल एफआईआर और यात्री के बयान पर आधारित हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम और ड्राइवर-कंडक्टर की भूमिका की जांच कर रही है।

धुआं बढ़ा तो बस में मची अफरा-तफरी

सुनील कुमार के मुताबिक, कुछ यात्री उस समय सो रहे थे और कुछ सोने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान बस के अंदर धुआं तेजी से भरने लगा। कुछ ही देर में आग की लपटें दिखाई देने लगीं और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

यात्रियों ने बस से बाहर निकलने की कोशिश शुरू कर दी। कई लोग खिड़कियों से कूदकर बाहर निकले। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि बस के अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए बाहर मौजूद यात्रियों ने भी कोशिश की, लेकिन लपटों और धुएं के कारण अंदर जाना मुश्किल था।

पुलिस के अनुसार, नौ यात्रियों की मौत जलने और दम घुटने से हुई।

आग कैसे लगी? पुलिस ने बताई शुरुआती वजह

हादसे के शुरुआती कारण को लेकर पुलिस की ओर से महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। ग्रेटर नोएडा पुलिस के अनुसार, बस के एयर कंडीशनिंग सिस्टम में स्पार्क या ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद इंजन के लुब्रिकेटिंग ऑयल में आग लग गई और देखते ही देखते आग पूरे वाहन में फैल गई। हालांकि, घटना की विस्तृत जांच अभी जारी है।

यानी शुरुआती जांच में एसी सिस्टम से आग फैलने की बात सामने आई है, जबकि एफआईआर में यात्रियों की चेतावनी और ड्राइवर-कंडक्टर द्वारा कथित लापरवाही के आरोप अलग पहलू हैं। दोनों मामलों की जांच पुलिस कर रही है।

ड्राइवर और कंडक्टर हिरासत में

हादसे के बाद पुलिस ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और बस में आग लगने की परिस्थितियों के साथ-साथ यात्रियों की चेतावनी के बावजूद बस नहीं रोकने के आरोपों की जांच की जा रही है।

बस राज कल्पना ट्रैवल्स की बताई जा रही है और इसका पंजीकरण बिहार का है। हादसा यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर थाना क्षेत्र में हुआ।

सवालों के घेरे में बस की सुरक्षा

हादसे के बाद स्लीपर बसों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यमुना एक्सप्रेसवे पर इससे पहले भी स्लीपर बसों से जुड़े गंभीर हादसे हो चुके हैं। ऐसे मामलों में आग तेजी से फैलने, यात्रियों के सो रहे होने और आपात स्थिति में बाहर निकलने की व्यवस्था जैसे मुद्दे सामने आते रहे हैं।

फिलहाल पुलिस आग लगने की तकनीकी वजह और कथित लापरवाही, दोनों पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की जिम्मेदारी और आग लगने का अंतिम कारण स्पष्ट हो सकेगा।

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