दिग्गज अभिनेता गोवा स्थित घर में बेहोश मिले थे। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर दिया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
मुंबई, 8 अक्टूबर। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा के डोना पाउला स्थित घर पर बेहोशी की हालत में पाया गया था, जिसके बाद तुरंत मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के अनुसार, उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें होश में नहीं लाया जा सका। नाना पाटेकर को सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया।
करीब 5 दशक का रहा शानदार फिल्मी सफर
नाना पाटेकर ने 1978 में फिल्म ‘गमन’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। 1986 में आई ‘अंकुश’ से उन्हें पहचान मिली। इसके बाद ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘खामोशी’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।
गंभीर किरदारों के साथ-साथ उन्होंने कॉमेडी और नकारात्मक भूमिकाओं में भी दर्शकों को प्रभावित किया। ‘परिंदा’ में गैंगस्टर के किरदार और ‘क्रांतिवीर’ में दमदार अभिनय के लिए उन्हें खास तौर पर सराहा गया। वह अभिनेता के अलावा निर्देशक और रंगमंच कलाकार के रूप में भी सक्रिय रहे।
आखिरी फिल्मों में ‘हाउसफुल 5’ भी शामिल
नाना पाटेकर को 2025 में ‘हाउसफुल 5’ में देखा गया था। इसके अलावा उन्होंने ‘ओ रोमियो’ और ‘सूबेदार’ में भी काम किया था। उनका करियर हिंदी के साथ-साथ मराठी सिनेमा में भी काफी प्रभावशाली रहा।
कारगिल युद्ध के दौरान भी निभाई थी अहम भूमिका
नाना पाटेकर ने 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना के साथ जुड़कर योगदान दिया था। सैनिकों और उनके संघर्ष पर आधारित फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ का निर्देशन भी उन्होंने किया था। अभिनय के लिए उन्हें 3 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों समेत कई बड़े सम्मान मिले। 2013 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।
नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है।

