डॉलर में नरमी और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोने की कीमतों में रिकवरी दिखी है। चांदी भी घरेलू बाजार में ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रही है।
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर। सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को तेजी देखने को मिल रही है। एमसीएक्स पर सोने का भाव 533 रुपये बढ़कर 1,49,636 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। वहीं चांदी 339 रुपये की बढ़त के साथ 2,23,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में रिकवरी दिखी है। गुरुवार को हाजिर सोना करीब 0.4% बढ़कर 4,127 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया।
प्रमुख शहरों में सोने का भाव
देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली में 22 कैरेट सोने का भाव 1,37,240 रुपये और 24 कैरेट सोने की कीमत 1,49,560 रुपये प्रति 10 ग्राम है। मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोना 1,37,090 रुपये, जबकि 24 कैरेट सोना 1,49,560 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है।
चेन्नई में 22 कैरेट सोने की कीमत 1,37,110 रुपये और 24 कैरेट का भाव 1,49,580 रुपये प्रति 10 ग्राम है। जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में 24 कैरेट सोना 1,49,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर है। अहमदाबाद और भोपाल में 22 कैरेट सोना 1,37,140 रुपये और 24 कैरेट सोना 1,49,590 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
चांदी का क्या है भाव?
घरेलू बाजार में चांदी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। 8 अक्टूबर की सुबह चांदी का भाव करीब 2,23,900 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी करीब 60 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर रही। अलग-अलग बाजारों में टैक्स, स्थानीय शुल्क और कारोबारी मार्जिन के कारण खुदरा कीमतों में अंतर हो सकता है।
सोने की कीमतों में क्यों आई तेजी?
सोने की कीमतों को एक तरफ डॉलर में नरमी से सपोर्ट मिला है, वहीं दूसरी तरफ मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने सुरक्षित निवेश के रूप में इसकी मांग को सहारा दिया है। रॉयटर्स के मुताबिक, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष तेज हुआ है। सऊदी अरब के कुछ हवाई अड्डों पर हमलों में तीन लोगों की मौत की भी सूचना है।
हालांकि, ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों में आगे बढ़ोतरी की आशंका अभी भी सोने पर दबाव बना सकती है। बुधवार को मजबूत डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने के कारण सोना 5 अगस्त के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था। अब डॉलर में नरमी के बाद इसमें कुछ रिकवरी देखने को मिल रही है।

