‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया गया। शनिवार को उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना है।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई दिल्ली में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले की गई। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना है।
वकील रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी दी। पुलिस ने दिपके को नई दिल्ली स्थित उनके आवास से एहतियाती हिरासत में लिया था। इसके पीछे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का हवाला दिया गया।
पेशी से पहले मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
निषेधाज्ञा उल्लंघन पर कई एफआईआर दर्ज
सीजेपी नेताओं का आरोप है कि दिपके को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया और शुरुआत में उन्हें वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को विरोध प्रदर्शनों के दौरान कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य हिस्सों में निषेधाज्ञा के उल्लंघन को लेकर कई एफआईआर दर्ज की गई हैं।
पुलिस के मुताबिक, बार-बार अपील करने के बावजूद कनॉट प्लेस के आसपास भीड़ जमा हो गई। अधिकारियों ने कहा कि बीएनएसएस की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कड़ी सुरक्षा के बीच निकाली गई तिरंगा रैली
शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारियों ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के बाहर तिरंगा रैली निकाली। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक भी चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध जताने पहुंचे थे।
सीजेपी ने 16 अक्टूबर को ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का आह्वान किया था। प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
नेहा बोरा समेत 150 से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी शुक्रवार को मंडी हाउस के पास से हिरासत में लिया गया था। वह तिरंगा यात्रा में शामिल थीं। इसके अलावा, 150 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
दिपके के खिलाफ दर्ज ताजा मामला पहले की एहतियाती कार्रवाई से अलग है। इससे पहले 10 अक्टूबर को उन्हें विमान से यात्रा करते समय हिरासत में लिया गया था। उस मामले में उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरना पड़ा था।
दिपके के मार्च के ऐलान के बाद सेंट्रल पार्क को दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया था। इलाके में भारी बैरिकेडिंग की गई और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया था।

