पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने अभिनेता के घर और जिम पर नजर रखी थी। तीन संदिग्धों को ट्रेन में गिरफ्तार किया गया है।
अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर 19 अक्टूबर को हुई फायरिंग की घटना की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, हमले से पहले आरोपियों ने करीब 10 दिनों तक टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों पर नजर रखी थी। उनके घर और जिम की रेकी भी की गई थी।
जांच के अनुसार, दो हमलावरों ने अभिनेता की कार पर पांच राउंड फायरिंग की, जबकि एक अन्य व्यक्ति बाइक पर उनका इंतजार कर रहा था। आरोपियों को सोशल मीडिया पर पापराजी और ब्लॉगर्स के वीडियो के जरिए टाइगर के आने-जाने की जगहों और उनकी गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी।
हैंडलर्स से संपर्क की जांच
पुलिस के मुताबिक, आरोपी व्हाट्सऐप और सिग्नल ऐप के जरिए अपने हैंडलर्स के संपर्क में थे। इन्हीं माध्यमों से उन्हें घटनास्थल की लोकेशन साझा किए जाने की बात भी सामने आई है।
जांच एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि आरोपियों के संपर्क में अनिल पंडित था या उसका कोई करीबी। जांच में रेहान के अनिल पंडित के संपर्क में होने की जानकारी मिली है। एजेंसियों को रेहान के डिजिटल फुटप्रिंट भी मिले हैं।
पुलिस के अनुसार, रेहान के कहने पर सोनीपत का एक नाबालिग इस साजिश में शामिल हुआ। मुंबई में पहले से मौजूद ऋतिक ने कथित तौर पर रेहान और नाबालिग आरोपी को जरूरी लॉजिस्टिक मदद उपलब्ध कराई थी।
कोटा पुलिस ने ट्रेन से तीन आरोपियों को पकड़ा
कोटा पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रेहान, ऋतिक और रोशन ट्रेन से जयपुर से दिल्ली जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, तीनों नेपाल भागने की फिराक में थे।
पुलिस ने रेहान को मुख्य आरोपी बताया है। गिरफ्तार किए गए तीन लोगों में एक की उम्र 17 साल है, जबकि अन्य दो बालिग हैं। पुलिस का कहना है कि ट्रेन की करीब 15 मिनट तक जांच करने के बाद आरोपियों को पकड़ा गया।
कोटा पुलिस के मुताबिक, रेहान बिश्नोई गैंग के अनिल पंडित के संपर्क में था। तीनों आरोपियों को जल्द मुंबई पुलिस को सौंपे जाने की जानकारी भी दी गई है। मामले में कथित साजिश, हमलावरों और उनके हैंडलर्स के बीच संपर्क की जांच जारी है।

