बदरीनाथ से ऋषिकेश लौट रहा हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, हादसे में पांच दोस्तों की मौत से बेंगलुरु में परिवारों और परिचितों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ के पास हुए हेलीकॉप्टर हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हो गई। सभी शव बरामद कर लिए गए हैं। हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो को सौंप दी गई है। हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से ऋषिकेश के लिए उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
मृतकों में कर्नाटक पुलिस के इंस्पेक्टर अरुण सालुंके और उनके चार दोस्त शामिल थे। पायलट को छोड़कर बाकी सभी यात्री बेंगलुरु के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पांचों दोस्त तीन दिन पहले चारधाम यात्रा पर निकले थे और शुक्रवार शाम तक बेंगलुरु लौटने वाले थे।
मृतकों में बेंगलुरु पुलिस के इंस्पेक्टर अरुण सालुंके
44 वर्षीय अरुण सालुंके कर्नाटक पुलिस के 2007 बैच के अधिकारी थे। वह बेलगावी जिले के अथानी तालुक स्थित अरातल गांव के रहने वाले थे। पुलिस सेवा में आने से पहले उन्होंने बेंगलुरु के एमएस रमैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई की थी।
सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) में इंस्पेक्टर बनने से पहले उन्होंने हलसूरु पुलिस स्टेशन और अपराध जांच विभाग (सीआईडी) में भी काम किया था।
28 अगस्त को सालुंके ने इंस्टाग्राम पर सीसीबी में अपने एक साथी के निधन पर शोक जताते हुए लिखा था, ‘बहुत जल्दी चले गए, भाई।’ अब हेलीकॉप्टर हादसे में उनकी खुद की मौत हो गई।
उनके अपार्टमेंट के मालिक दसाप्पा ने बताया कि सालुंके मिलनसार स्वभाव के थे और सोसायटी के लोगों से उनके अच्छे संबंध थे। अपार्टमेंट में रहने वाले गजेंद्र के मुताबिक, सुबह की सैर के दौरान अक्सर उनकी मुलाकात होती थी। सालुंके आमतौर पर सुबह 10 बजे ड्यूटी पर जाते और रात करीब 10 बजे लौटते थे।
हादसे में इन चार दोस्तों की भी गई जान
हादसे में जान गंवाने वाले अन्य यात्रियों की पहचान एच.एस. नटराज (51), प्रताप निंगराजू (41), सुधीर के. (49) और शंकर गौड़ा (39) के रूप में हुई है। उत्तराखंड के अधिकारियों के मुताबिक, ये सभी बेंगलुरु के रहने वाले थे।
तुमकुर जिले के हुलियुरदुर्गा के रहने वाले नटराज ‘विद्या भारती’ शिक्षण संस्थान के प्रमुख थे। शंकर गौड़ा पेशे से वकील थे। वहीं, हासन जिले के सकलेशपुरा तालुक स्थित बचनहल्ली के रहने वाले प्रताप सिविल कॉन्ट्रैक्ट के काम से जुड़े थे।
प्रताप करीब 15 साल पहले बेंगलुरु आ गए थे और परिवार के साथ थानिसंद्रा में रहते थे। उनके दो बेटे सातवीं और तीसरी कक्षा में पढ़ते हैं। परिवार शुक्रवार शाम को उनके लौटने का इंतजार कर रहा था।
प्रताप के साढ़ू और कॉफी प्लांटर प्रज्वल ने बताया कि पांचों दोस्त तीन दिन पहले तीर्थयात्रा के लिए निकले थे। परिवार और परिचितों को उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद थी, लेकिन हादसे की खबर ने सभी को झकझोर दिया।
हादसे से कुछ घंटे पहले दोस्त से हुई थी आखिरी बातचीत
हुलियुरदुर्गा के व्यवसायी और नटराज के बचपन के दोस्त नागेश ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे उनकी नटराज से फोन पर बात हुई थी। उस समय नटराज हेलीकॉप्टर के अंदर बैठे थे और मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे थे।
नागेश के मुताबिक, नटराज ने बताया था कि इलाके में घना कोहरा था। पायलट ने दृश्यता बेहतर होने तक उड़ान का इंतजार करने को कहा था। उन्होंने यह भी बताया था कि वहां काफी ठंड थी।
इसके कुछ ही समय बाद हेलीकॉप्टर हादसे की खबर सामने आई। पांच दोस्तों की एक साथ मौत से उनके परिवारों और परिचितों में शोक का माहौल है।

