ब्रिटिश नागरिकता मिलने के बाद आमिर के आईपीएल ऑक्शन में उतरने की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब उन्होंने इन खबरों को गलत बताया है।
ब्रिटिश नागरिकता मिलने के बाद क्या पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर आईपीएल में खेलने के लिए भारत आएंगे? पिछले कुछ दिनों से क्रिकेट जगत में इस सवाल पर चर्चा चल रही थी। मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि आमिर आईपीएल 2027 के ऑक्शन में शामिल हो सकते हैं और ब्रिटिश पासपोर्ट के जरिए भारत आ सकते हैं। हालांकि, अब खुद आमिर ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है।
मोहम्मद आमिर ने खबरों का किया खंडन
34 वर्षीय मोहम्मद आमिर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर आईपीएल 2027 के ऑक्शन में शामिल होने की खबरों को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईपीएल को लेकर सामने आई खबरें सच नहीं हैं।
आमिर का यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया था कि ब्रिटिश नागरिकता मिलने के बाद वह विदेशी खिलाड़ी के तौर पर आईपीएल नीलामी में हिस्सा ले सकते हैं। उनके ताजा बयान से फिलहाल इन अटकलों पर विराम लग गया है।
ब्रिटिश नागरिकता के बाद क्यों शुरू हुई चर्चा?
दरअसल, मोहम्मद आमिर को ब्रिटिश नागरिकता मिल चुकी है। इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर अज़हर महमूद भी ब्रिटिश पासपोर्ट के आधार पर किंग्स इलेवन पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमों के लिए आईपीएल खेल चुके हैं।
इसी वजह से आमिर को ब्रिटिश नागरिकता मिलने के बाद उनके आईपीएल में खेलने की संभावनाओं को लेकर कयास लगाए जाने लगे थे।
अफगानिस्तान प्रीमियर लीग ड्राफ्ट से जुड़ा है मामला
इस चर्चा को तब और हवा मिली, जब आमिर ने दुबई में होने वाले अफगानिस्तान प्रीमियर लीग (एपीएल) ड्राफ्ट के लिए अपना नाम दर्ज कराया। इस ड्राफ्ट में उन्हें ब्रिटिश खिलाड़ी के तौर पर प्लैटिनम श्रेणी में रखा गया है, जबकि उनके निवास का देश पाकिस्तान बताया गया है।
इसी घटनाक्रम के बाद भारतीय मीडिया और क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उनके आईपीएल 2027 ऑक्शन में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं।
भविष्य में आईपीएल खेलने पर क्या है रुख?
आमिर के ताजा बयान से साफ है कि आईपीएल 2027 ऑक्शन में शामिल होने की खबरें गलत हैं। उन्होंने फिलहाल इस लीग में खेलने की किसी योजना की पुष्टि नहीं की है।
हालांकि, उन्होंने भविष्य में कभी आईपीएल खेलने की संभावना को लेकर कोई स्पष्ट या अंतिम फैसला भी नहीं बताया है।

