Adani Battery Storage Project: गौतम अडाणी बनाएंगे देश का सबसे बड़ा बैटरी ऊर्जा भंडारण केंद्र, मार्च 2026 तक पूरा होगा काम

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गुजरात: अरबपति उद्योगपति गौतम अडाणी अब भारत की ऊर्जा क्रांति को नई दिशा देने की तैयारी में हैं। अडाणी समूह ने हजारों करोड़ रुपये की लागत से एक बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Battery Energy Storage System) बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
यह परियोजना समूह की नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) योजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।


🏗️ गुजरात के खावड़ा में बनेगा ऊर्जा भंडारण केंद्र

यह अत्याधुनिक परियोजना गुजरात के खावड़ा (Khavda) इलाके में तैयार की जा रही है, जहां अडाणी समूह पहले से ही एक मेगा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क बना रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट मार्च 2026 तक पूरा होने की संभावना है। पूरा होने पर यह न सिर्फ भारत की बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी बैटरी भंडारण परियोजनाओं में शामिल होगी।


🔋 50 GWh क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य

अडाणी समूह का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में 50 गीगावाट-घंटा (GWh) बैटरी भंडारण क्षमता विकसित करना है।
इससे देश में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से उत्पन्न बिजली का संतुलन और भंडारण बेहतर तरीके से किया जा सकेगा, जिससे भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता (Energy Independence) को नई मजबूती मिलेगी।


🌞 सौर और पवन ऊर्जा संतुलन में मदद

यह बैटरी ऊर्जा प्रणाली सौर (Solar) और पवन (Wind) ऊर्जा से उत्पन्न बिजली को भंडारित और नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाएगी।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की कुल बिजली क्षमता इस साल करीब 800 मेगावाट तक पहुंच सकती है।
यह परियोजना देश को सरकार के 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में बड़ी छलांग दिलाएगी।


🌍 अंतरराष्ट्रीय सहयोग से बनेगा हाई-टेक प्रोजेक्ट

अडाणी समूह इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से तकनीकी सहयोग पर बातचीत कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, समूह चीनी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता BYD कंपनी के साथ साझेदारी की संभावना तलाश रहा है।
हालांकि, इस पर अडाणी समूह की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।


💡 भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम

यह परियोजना देश को स्वच्छ, सस्ती और स्थायी ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
इसके जरिये न केवल बिजली उत्पादन में वृद्धि होगी बल्कि देश के ग्रीन एनर्जी सेक्टर को भी वैश्विक पहचान मिलेगी।


🏭 मार्च 2026 तक तैयार होगी प्रणाली

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मेगा ऊर्जा परियोजना मार्च 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।
पूरा होने के बाद यह परियोजना भारत की ऊर्जा प्रणाली को अधिक स्थिर और पर्यावरण-अनुकूल बनाएगी।

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