मध्य प्रदेश ने पांच वर्दीधारी सेवाओं में 20% आरक्षण दिया है, जबकि महाराष्ट्र ने पूर्व अग्निवीरों के सीधे समायोजन का फैसला किया।
भोपाल/मुंबई, 30 सितंबर। कुछ महीनों में चार साल की सेवा पूरी कर घर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार ने अहम फैसले किए हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को पांच वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने को मंजूरी दी है। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने चार साल की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में बिना नई भर्ती परीक्षा के सीधे समायोजित करने का फैसला किया है।
मध्य प्रदेश में इन पदों पर मिलेगा आरक्षण
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वनरक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी दी है। यह फैसला मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
गृह विभाग के तहत सामान्य ड्यूटी पुलिस आरक्षक और विशेष सशस्त्र बल की भर्ती में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण होगा। जेल प्रहरी और वनरक्षक के पदों पर भी 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। आबकारी आरक्षक की भर्ती में भी पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
महाराष्ट्र में बिना नई लिखित परीक्षा के समायोजन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि चार साल की सैन्य सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में सीधे समायोजित किया जाएगा। उन्हें नई भर्ती परीक्षा और दोबारा प्रशिक्षण से छूट देने का फैसला किया गया है।
राज्य सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए वर्दीधारी समूह-सी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान भी किया है। इसमें पुलिस, अग्निशमन सेवाओं और तटीय सुरक्षा जैसी सेवाएं शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर अग्निवीरों को समायोजित करने के लिए अतिरिक्त पद भी बनाए जा सकते हैं।
महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, भारतीय नौसेना से सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को तटीय सुरक्षा व्यवस्था में भी शामिल किया जाएगा। उन्हें आयु सीमा में छूट समेत अन्य रियायतें देने का प्रावधान है।
जनवरी 2027 में पहला बैच होगा सेवामुक्त
केंद्र सरकार ने 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल निर्धारित है। सेवा पूरी होने के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में बनाए रखने का प्रावधान है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत सेवा से मुक्त होते हैं।
केंद्र सरकार ने भी पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स में कांस्टेबल और राइफलमैन पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण, आयु सीमा में छूट और लिखित परीक्षा, शारीरिक मानक परीक्षण तथा शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट का प्रावधान किया है। पहली बैच के अग्निवीरों के लिए निर्धारित आयु सीमा के ऊपर पांच साल की अतिरिक्त छूट का भी प्रावधान है।
इन फैसलों के बीच राज्यों में भी चार साल की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।

