अलवर में छात्राओं के साथ बांध में नहाते दिखे सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल, VIDEO वायरल; तत्काल निलंबित

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15 अगस्त के कार्यक्रम के बाद बच्चों को भड़ाज बांध ले जाने का आरोप, ग्रामीणों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल; शिक्षा विभाग ने प्रथम दृष्टया आचरण नियमों के उल्लंघन पर की कार्रवाई

राजस्थान के अलवर जिले के थानागाजी इलाके से सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में स्कूल के प्रधानाचार्य छात्राओं के साथ बांध के पानी में नहाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई और पुलिस को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

15 अगस्त के कार्यक्रम के बाद बच्चों को बांध ले जाने का आरोप

मामला थानागाजी क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का बताया जा रहा है। 15 अगस्त को स्कूल में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद आरोप है कि प्रिंसिपल छात्र-छात्राओं को जंगल के रास्ते करीब दो किलोमीटर दूर भड़ाज बांध ले गए।

बताया गया कि बच्चों को भ्रमण कराने और तैराकी सिखाने के लिए बांध ले जाया गया था। इस दौरान करीब 20 से 25 बड़ी छात्राओं के भी वहां मौजूद होने की बात सामने आई है।

बांध में सुरक्षा इंतजाम को लेकर उठे सवाल

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बांध की पाल करीब 5 से 6 फीट चौड़ी है और इस स्थान पर पहले भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। ग्रामीणों और प्रशासन की ओर से करीब चार साल से इस जगह पर जाने को लेकर पाबंदी होने की बात भी सामने आई है।

इसके बावजूद बच्चों को बांध तक ले जाने के आरोप ने स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों को बिना लाइफ जैकेट और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के पानी में उतारा गया। यह भी कहा जा रहा है कि कई बच्चों को तैरना नहीं आता था।

VIDEO वायरल होने के बाद मचा बवाल

मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब बांध का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में प्रिंसिपल छात्राओं के साथ पानी में नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद गांव में चर्चा शुरू हो गई और ग्रामीण स्कूल पहुंच गए।

ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। इसके बाद पुलिस और शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू की। घटना को लेकर यह सवाल भी उठाया गया कि बच्चों को बांध तक किस अनुमति के आधार पर ले जाया गया और उनकी सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे।

शिक्षा विभाग ने किया प्रिंसिपल को निलंबित

शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय थानागाजी के प्रधानाचार्य का छात्राओं के साथ बांध में नहाने का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। विभाग ने प्रथम दृष्टया इस आचरण को प्रधानाचार्य के नैतिक आचरण के लिए निर्धारित नियमों के विपरीत माना।

इसी आधार पर प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय बीकानेर रहेगा।

पुलिस ने दर्ज किए प्रिंसिपल के बयान

थानागाजी थाना प्रभारी राजकुमार मीणा के मुताबिक, मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने प्रिंसिपल के बयान दर्ज किए हैं। अभी तक किसी छात्र, छात्रा या अभिभावक की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो में दिखाई दे रही परिस्थितियां क्या थीं और बच्चों को बांध तक किस उद्देश्य से ले जाया गया था। वहीं शिक्षा विभाग भी अपनी ओर से पूरे मामले की जांच कर रहा है।

छात्राओं और अभिभावकों से भी ली गई जानकारी

मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शकुंतला यादव ने बताया कि छात्राओं, प्रिंसिपल और अभिभावकों से जानकारी ली गई है। विभागीय टीम पूरे मामले की जांच करेगी। जिला शिक्षा अधिकारी मनोज शर्मा ने भी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से मामले की रिपोर्ट मांगी थी।

जांच के बाद सख्त कार्रवाई की बात कही गई थी। फिलहाल विभाग ने प्रथम दृष्टया कार्रवाई करते हुए प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया है। अब विभागीय जांच में पूरे घटनाक्रम और स्कूल प्रशासन की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।

महत्वपूर्ण बातें

  • अलवर के थानागाजी इलाके के सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल का वीडियो वायरल हुआ।
  • वीडियो में प्रिंसिपल छात्राओं के साथ बांध के पानी में नजर आ रहे हैं।
  • 15 अगस्त के कार्यक्रम के बाद बच्चों को भड़ाज बांध ले जाने का आरोप है।
  • ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा और बांध में सुरक्षा इंतजाम पर सवाल उठाए।
  • शिक्षा विभाग ने प्रथम दृष्टया आचरण नियमों के उल्लंघन का मामला माना।
  • प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
  • पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों मामले की जांच कर रहे हैं।
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