Amarnath Yatra 2026: बारिश के बीच भी नहीं टूटा श्रद्धालुओं का उत्साह, एक दिन में 28,818 श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

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बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से जारी है यात्रा, सुरक्षा और सुविधाओं के किए गए व्यापक इंतजाम

3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा 2026 पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ जारी है। सोमवार को कई इलाकों में तेज बारिश होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से श्रद्धालु 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा पहुंचे और बाबा बर्फानी के दर्शन किए।

प्रशासन के अनुसार, सोमवार को 28,818 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में दर्शन किए। यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।

वापसी के लिए श्रद्धालुओं की पहली पसंद बना बालटाल मार्ग

देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दोनों बेस कैंपों और यात्रा मार्गों पर देखी जा रही है। दर्शन के बाद सोमवार शाम श्रद्धालु सुरक्षित रूप से बालटाल बेस कैंप लौट आए।

अधिकारियों के मुताबिक, पहलगाम के नुनवान बेस कैंप तक लौटने में तीन से चार दिन का समय लग जाता है। ऐसे में अधिकांश श्रद्धालु वापसी के लिए बालटाल मार्ग को प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि इस रास्ते से उसी दिन बेस कैंप तक पहुंचना संभव है।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाओं का इंतजाम

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने दोनों बेस कैंपों और यात्रा मार्ग पर व्यापक व्यवस्थाएं की हैं।

  • ठहरने के लिए हजारों टेंट लगाए गए हैं।
  • विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं की ओर से जगह-जगह लंगर संचालित किए जा रहे हैं।
  • श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है।

  • पहलगाम और बालटाल बेस कैंप से लेकर पवित्र गुफा तक सुरक्षा बल तैनात हैं।
  • ऊंचाई वाले इलाकों और यात्रा मार्गों पर सेना के जवान निगरानी कर रहे हैं।
  • बेस कैंपों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ (CRPF) संभाल रही है।
  • जम्मू-कश्मीर पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

पंजीकरण नियमों का पालन करना अनिवार्य

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अपनी निर्धारित दर्शन तिथि के अनुसार ही यात्रा करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण या निर्धारित तारीख से पहले पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बालटाल या पहलगाम बेस कैंप की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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