छह साल के निष्कासन के बाद मोकामा विधायक ने कहा कि उन्हें कार्रवाई से कोई परेशानी नहीं है, जनता ही हर फैसले का जवाब देगी।
बिहार में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी की कार्रवाई से कोई गम नहीं है। अनंत सिंह पर विधान परिषद चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
अनंत सिंह ने कहा, “हमको कोई गम नहीं है। जनता मालिक-भगवान है। जो कार्रवाई की गई है, वो बढ़िया है। हमको कोई दिक्कत नहीं है।” उन्होंने नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि जेडीयू उनकी पार्टी थी और उनके जाने के बाद पार्टी खत्म हो गई।
‘हम जैसे हैं, वैसे ही रहेंगे’
अनंत सिंह ने कहा कि जनता हर किसी के काम का जवाब देगी और उनकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “हम जैसे हैं, वैसे ही रहेंगे।” निष्कासन के फैसले पर उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें निकालकर अच्छा किया।
उन्होंने नीरज कुमार के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर भी टिप्पणी की और कहा कि इस बारे में पार्टी को ही फैसला करना है।
छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित
जेडीयू ने शनिवार, 24 अक्टूबर को अनंत कुमार सिंह और पूर्व विधायक नीलम देवी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। पार्टी ने दोनों की प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी है।
बिहार जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी आदेश में अनंत सिंह पर पार्टी के निर्देशों की अनदेखी करने, शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अनुचित भाषा का इस्तेमाल करने और हालिया विधान परिषद चुनाव में पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ काम करने के आरोप लगाए गए हैं। आदेश के मुताबिक, उन्होंने चुनाव के दौरान दूसरी पार्टी के उम्मीदवार के लिए प्रचार किया था।
विधानसभा की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश
जेडीयू ने भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की बिहार विधानसभा की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश भी की है। इस मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होगी।

