बेंगलुरु से मंगलुरु के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी के तहत इन दिनों टेस्टिंग की जा रही है। इसी दौरान पश्चिमी घाट की हरी-भरी और खूबसूरत वादियों के बीच पटरियों पर दौड़ती वंदे भारत ट्रेन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। दक्षिण पश्चिम रेलवे के मैसुरु मंडल की ओर से बेंगलुरु-मंगलुरु रेल मार्ग पर वंदे भारत एक्सप्रेस के परिचालन की व्यवहार्यता जांचने के लिए चुनौतीपूर्ण सकलेशपुर-सुब्रहमण्य रोड घाट खंड में टेस्टिंग की जा रही है।
पश्चिमी घाट का यह इलाका घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और चारों तरफ फैली हरियाली के लिए जाना जाता है। मानसून के दौरान यहां की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। ऐसे में पहाड़ों और हरियाली के बीच से गुजरती वंदे भारत एक्सप्रेस की तस्वीरें लोगों को खासा आकर्षित कर रही हैं।
ट्रायल सफल हुआ तो नियमित सेवा का रास्ता होगा साफ
अगर चुनौतीपूर्ण घाट सेक्शन में वंदे भारत एक्सप्रेस की टेस्टिंग सफल रहती है, तो बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच इस ट्रेन के नियमित परिचालन का रास्ता साफ हो सकता है। इससे दोनों शहरों के बीच तेज, आरामदायक और सुविधाजनक रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
इस रूट पर वंदे भारत सेवा शुरू होने से यात्रियों को केवल तेज रेल यात्रा का विकल्प ही नहीं मिलेगा, बल्कि पश्चिमी घाट की खूबसूरत वादियों, घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों के बीच सफर करने का शानदार अनुभव भी मिल सकता है।
सकलेशपुर-सुब्रहमण्य रोड घाट खंड चुनौतीपूर्ण
बेंगलुरु-मंगलुरु रेल मार्ग का सकलेशपुर-सुब्रहमण्य रोड घाट खंड चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इसी हिस्से में वंदे भारत के परिचालन की व्यवहार्यता को परखने के लिए टेस्टिंग की जा रही है। घाट क्षेत्र में ट्रेन के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का आकलन नियमित सेवा शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।
खूबसूरत नजारों के बीच होगा सफर
इस संभावित वंदे भारत सेवा की खासियत केवल ट्रेन की गति और आधुनिक सुविधाएं नहीं होंगी। यात्रियों को पश्चिमी घाट के पहाड़ों, घने जंगलों और मानसून की हरियाली के बीच सफर करने का अलग अनुभव भी मिलेगा।
इसी वजह से बेंगलुरु-मंगलुरु वंदे भारत सेवा को लेकर यात्रियों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी काफी उत्सुकता देखने को मिल रही है। अगर टेस्टिंग सफल रहती है और नियमित परिचालन शुरू होता है, तो यह रूट तेज रेल कनेक्टिविटी के साथ एक आकर्षक रेल यात्रा अनुभव भी दे सकता है।

