पूनमल्ली से वडापलानी के बीच 14.6 किलोमीटर लंबे मार्ग का उद्घाटन, तमिलनाडु को 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात।
चेन्नई, 12 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के दौरे पर हैं। रविवार को उन्होंने चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के तहत पूनमल्ली से वडापलानी के बीच 14.6 किलोमीटर लंबे मार्ग का उद्घाटन किया। करीब 4,900 करोड़ रुपये की लागत से बने इस रूट पर प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ सफर भी किया। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर की मौजूदगी में नई मेट्रो सेवाओं को हरी झंडी दिखाई गई। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने टिकट खरीदा और टिकट काउंटर पर कर्मचारी से बातचीत भी की। अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री राज्य को 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की सौगात भी देंगे।
नए मेट्रो रूट की क्या है खासियत?
चेन्नई मेट्रो का नया मार्ग दूसरे चरण के कॉरिडोर चार का हिस्सा है। इस रूट पर कुल 11 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन हैं और यह करीब 15 किलोमीटर की दूरी तय करता है। कॉरिडोर में 3.7 किलोमीटर लंबा डबल-डेकर ढांचा भी बनाया गया है।
इस मार्ग पर बिना ड्राइवर के मेट्रो संचालन को सहयोग देने के लिए आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली लगाई गई है। उम्मीद है कि नई सेवाओं से यात्रियों का सफर आसान होगा और चेन्नई के तेजी से विकसित हो रहे पश्चिमी उपनगरों तथा शहर के केंद्र के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
नए रूट पर कौन-कौन से स्टेशन हैं?
चेन्नई मेट्रो रेल के अनुसार, रविवार 11 अक्टूबर को नियमित सेवाएं शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक दोनों दिशाओं में चलेंगी। 12 अक्टूबर से ट्रेन सेवाएं सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। आखिरी ट्रेन दोनों टर्मिनलों यानी पूनमल्ली बाईपास मेट्रो और कॉरिडोर चार के वडापलानी मेट्रो स्टेशन से रात 9 बजे रवाना होगी।
इस रूट के स्टेशन हैं:
- पूनमल्ली बाईपास
- पूनमल्ली बस स्टैंड
- पूनमल्ली सरकारी अस्पताल
- करायनचावडी
- कुमाननचावडी
- कट्टुपक्कम
- अय्यप्पनथांगल
- थेल्लियारगरम
- पोरुर बाईपास
- पोरुर जंक्शन
- वडापलानी
पीएम मोदी के दौरे में सड़क और बंदरगाह परियोजनाएं भी शामिल
चेन्नई में प्रधानमंत्री मोदी आईआईटी मद्रास स्थित ब्रेन सेंटर का दौरा करेंगे। उनके कार्यक्रम में करीब 3,700 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी शामिल है। इन परियोजनाओं से शहर में यातायात जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, चेन्नई समेत तीन बड़े बंदरगाहों पर सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे सामान की ढुलाई आसान बनाने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री के दौरे का मुख्य फोकस परिवहन, औद्योगिक विकास, बंदरगाहों की क्षमता बढ़ाने और वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने पर है। नवरात्रि के पहले दिन प्रधानमंत्री जलाकंडेश्वर मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना भी करेंगे।

