राकां (एसपी) विधायक रोहित पवार ने एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का आरोप लगाया। उन्होंने 12 लाख रुपये में पेपर बेचने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर (डीआई) भर्ती परीक्षा एक बार फिर विवादों में आ गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने परीक्षा में कथित पेपर लीक और बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा का पेपर 12 लाख रुपये में बेचा गया था।
12 लाख रुपये में पेपर बेचने का आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान रोहित पवार ने आरोप लगाया कि ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का पेपर 12 लाख रुपये में बेचा गया। उनके अनुसार, इसमें 5 लाख रुपये अग्रिम और शेष 7 लाख रुपये बाद में देने की बात तय हुई थी। उन्होंने दावा किया कि इस मामले के तार बार्शी से जुड़े हैं और इसमें एक भाजपा नेता से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
टीईटी और अन्य मामलों से जोड़ा संबंध
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि टीईटी घोटाले का एक आरोपी भाजपा से जुड़ा हुआ है और एक वरिष्ठ नेता के वित्तीय मामलों को संभालता है। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्ष 2026 के दौरान टीईटी, नीट और एसआरपीएफ भर्ती जैसी परीक्षाओं में भी पेपर लीक के आरोप सामने आ चुके हैं।
‘पेपर लीक से अधिकारी बनेंगे तो व्यवस्था पर असर पड़ेगा’
रोहित पवार ने कहा कि यदि पेपर लीक के जरिए अधिकारी चुने जाएंगे तो इसका सीधा असर जनता की सुरक्षा और व्यवस्था पर पड़ेगा। उन्होंने हाल ही में कथित रूप से खांसी की दवा से बच्चों की मौत की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में योग्य और ईमानदार अधिकारियों की नियुक्ति बेहद जरूरी है।
व्हाट्सएप से पेपर भेजने का दावा
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि नंदुरबार स्थित एक कोचिंग संस्थान से जुड़े व्यक्ति ने पेपर लीक किया। उन्होंने दावा किया कि प्रश्नपत्र व्हाट्सएप के माध्यम से उम्मीदवारों तक भेजा गया और कुछ मिनट बाद संदेश डिलीट कर दिया गया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह कहना उचित नहीं होगा कि पूरा एमपीएससी पेपर लीक हुआ, लेकिन पेपर तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े स्तर पर गंभीर गड़बड़ी हुई है।
शिकायत करने वाले छात्र को मिली धमकी का आरोप
रोहित पवार ने दावा किया कि एक छात्र ने इस मामले की शिकायत एमपीएससी से की थी, लेकिन कार्रवाई के बजाय उसे ही पुलिस कार्रवाई की धमकी दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया में कुछ उम्मीदवारों के अंकों और इंटरव्यू के लिए बुलाए जाने को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।
एमपीएससी ने शुरू की जांच
आरोप सामने आने के बाद महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आयोग की ओर से पेपर लीक के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

